दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने दो दरोगा और एक मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया है।
बरेली। दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने दो दरोगा और एक मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता की शिकायत में सही धाराएं नहीं लगाईं और विवेचना के दौरान मनमानी की।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक रत्नेश कुमार, उपनिरीक्षक सचिन चौधरी और मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार शामिल हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार, जो उस समय एफआईआर लेखक थे, उन्होंने दुष्कर्म से जुड़े गंभीर आरोप होने के बावजूद उचित धाराएं नहीं लगाईं। वहीं विवेचक रहे दरोगा रत्नेश कुमार और सचिन चौधरी ने भी मामले की जांच में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और आवश्यक धाराओं को शामिल करने में लापरवाही बरती। यह पूरा मामला आठ दिसंबर 2023 को थाना सीबीगंज में दर्ज एक शिकायत से जुड़ा है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके प्रेमी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसे छोड़ दिया। इस शिकायत के आधार पर एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन प्रारंभिक कार्रवाई में ही गंभीर खामियां सामने आ गईं।
एसएसपी द्वारा कराई गई जांच में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और कानूनी प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई। इसके बाद अनुराग आर्य ने बिना देर किए तीनों को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।