बहेड़ी थाना क्षेत्र के सिगौती गांव में सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक गेहूं के खेतों में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटों ने करीब 200 बीघा तैयार खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।
बरेली। बहेड़ी थाना क्षेत्र के सिगौती गांव में सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक गेहूं के खेतों में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटों ने करीब 200 बीघा तैयार खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और किसान बदहवास होकर आग बुझाने में जुट गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तेज हवा के चलते आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में आग ने कई किसानों के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने भयावह हो गए कि ग्रामीणों के पास आग पर काबू पाने का कोई साधन नहीं बचा और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए बहेड़ी के अलावा बरेली और किच्छा से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। कई घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई थीं। आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई दमकल यूनिट्स और पुलिसकर्मी मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
इस अग्निकांड ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जो फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, वह जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। किसानों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग कैसे लगी। वहीं, राजस्व विभाग की टीम को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।