राजेंद्रनगर स्थित सिलेक्शन प्वाइंट के पास बने फ्लैशबैक रेस्टोरेंट में रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भाजपा नेता संजीव शर्मा की बेटी की ननद और करीब 10 बच्चे अचानक लिफ्ट में फंस गए। लिफ्ट के बीच में अटकते ही अंदर अंधेरा छा गया और बच्चों की घबराहट व चीख-पुकार से पूरा रेस्टोरेंट में खलबली मच गई।
बरेली। राजेंद्रनगर स्थित सिलेक्शन प्वाइंट के पास बने फ्लैशबैक रेस्टोरेंट में रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भाजपा नेता संजीव शर्मा की बेटी की ननद और करीब 10 बच्चे अचानक लिफ्ट में फंस गए। लिफ्ट के बीच में अटकते ही अंदर अंधेरा छा गया और बच्चों की घबराहट व चीख-पुकार से पूरा रेस्टोरेंट में खलबली मच गई।
रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों के मुताबिक लिफ्ट ऊपर जाते ही जोरदार झटके के साथ रुक गई। कुछ ही पलों में लाइट चली गई और अंदर घुप्प अंधेरा हो गया। बच्चों की घबराहट देखते ही बन रही थी। कोई रो रहा था, तो कोई मदद के लिए चिल्ला रहा था।
करीब 30 मिनट तक बच्चे और परिजन लिफ्ट में कैद रहे। दम घुटने जैसी हालत बन गई थी। बाहर मौजूद लोग लिफ्ट के दरवाजे खुलवाने के लिए जद्दोजहद करते रहे, लेकिन रेस्टोरेंट प्रबंधन पूरी तरह नाकाम नजर आया। परिवार का फोन आने के बाद भाजपा नेता संजीव शर्मा ने कमल राणा और प्रवीण भारद्वाज को कॉल की। इसके बाद हिंदू संगठनों से जुड़े नेता प्रवीण भारद्वाज, कमल राणा समिति के सदस्य और अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
स्थिति गंभीर देख कमल राणा ने लिफ्ट
का दरवाजा तोड़कर सभी को उसके अंदर से बाहर निकाला। करीब आधे घंटे बाद जब लोग बाहर निकले तो उन्होंने राहत की सांस ली। लिफ्ट से निकलते ही कई बच्चे डर के मारे रो पड़े। परिजन उन्हें सीने से लगाकर ढांढस बंधाते रहे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रेस्टोरेंट में जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किया गया है।