उर्स में शामिल होने के लिए देश विदेश से नामचीन उलेमा बरेली आ रहे है।
बरेली। आला हजरत फाज़िले बरेलवी का 100वां उर्स तीन से पांच नवंबर तक मनाया जाएगा। आला हजरत के 100वें उर्स को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। 100वें उर्स ए क़ादरी रज़वी मथुरापुर स्थित इस्लामिक स्टडी सेंटर जामियातुर रज़ा में मनाया जाएगा। जामियातुर रज़ा में 100वां उर्स दरगाह ताजुशरिया के सज्जादानशीन व शहर काजी मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी (असजद मियां) की सदारत में होगा। उर्स में शामिल होने के लिए देश विदेश से नामचीन उलेमा बरेली आ रहे है।
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ये उलेमा होंगे शामिल
जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान हसन क़ादरी ने बताया कि इस बार लगभग 15 मुल्कों से उलेमा व मुरीदों के बरेली पहुँचने की खबर मिली है। जिसमें सऊदी अरब जद्दा के मौलाना तारिक़ हसन, मदीना शरीफ से मौलाना सज्जाद अहमद, साउथ अफ्रीका से मुफ़्ती आफताब कासिम, लीबिया से सूफियान शेख, मुफ़्ती रियान अजहरी, नाईजीरिया से मुफ़्ती अरशद के अलावा दुबई, मिस्र, श्री लंका, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया आदि मुल्कों के उलेमा भी उर्स में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस साल उर्स में उलेमाओं को तकरीर के लिए टॉपिक दिया जाएगा कि किस उलेमा को किस विषय पर तकरीर करना है। जिसमे इस्लाम के फराइज़, नबी ए करीम सुन्नतें,अहले बैत से मोहब्बत, मसलक ए आला हज़रत का मिशन, मुफ़्ती ए आज़म व ताजुशशरिया ज़िंदगी व करामात, मौजूदा वक़्त और मुसलमानों के हालात पर चर्चा होगी।
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इन्हे मिली जिम्मेदारी
उर्स के लिए मरकज़ी दारुल इफ्ता के उलेमा व जामियातुर रज़ा के उस्ताद को मुफ़्ती असजद मियां में ज़िम्मेदारी सौपीं है। जिसमे मुफ़्ती अफज़ाल रज़वी, मुफ़्ती शकील रज़वी, मौलाना शहज़ाद आलम, कारी काज़िम रज़ा, कारी शरफुद्दीन, कारी फैज़ुलनबी, मौलाना ज़ाहिद रज़ा, मौलाना गुलज़ार की निगरानी में उर्स के सभी कार्यक्रम सम्पन्न होंगे।
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