गश्त कर रही वन विभाग की टीम पर कथित लकड़ी तस्करों और ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वन दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए, जबकि हमलावरों ने वन विभाग की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले के बाद वन विभाग ने 60 से अधिक पर एफआईआर दर्ज कराई है।
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में देर रात गश्त कर रही वन विभाग की टीम पर कथित लकड़ी तस्करों और ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वन दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए, जबकि हमलावरों ने वन विभाग की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। हमले के बाद वन विभाग ने 60 से अधिक पर एफआईआर दर्ज कराई है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार देर रात टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान जंगल से सटे इलाके में एक डनलप में लकड़ी भरकर ले जाते कुछ लोग दिखाई दिए। वनकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ करने की कोशिश की। आरोप है कि इस पर वहां मौजूद लोग भड़क गए और देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। हमले में बनकटी चौकी इंचार्ज वन दरोगा सुमित कुमार और टाइगर ट्रेकर धर्मेंद्र के सिर और हाथ में चोटें आईं। उनके अलावा वन विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी चोटें लगी हैं। घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए भेजा गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया।
मारपीट के दौरान आरोपियों ने वन विभाग की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। अचानक हुए हमले से टीम को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों में भी नाराजगी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। घटना के बाद वन दरोगा सुमित कुमार की तहरीर पर थाना न्यूरिया में नितिन, बंटी, लाला राम राजपूत और प्रेम समेत 14 नामजद तथा करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के दौरान गांव मरौरी निवासी अशोक कुमार और ओम प्रकाश भी घायल हुए हैं। उनका कहना है कि वे खेत पर जानवरों की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान हुए विवाद में उन्हें चोटें लग गईं। हालांकि वन विभाग की तहरीर में उनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं। थानाध्यक्ष सुभाष मावी का कहना है कि वन विभाग की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।