बरेली

पटेल चौक से कुतुबखाना तक हड़कंप, नगर निगम का चला डंडा, अतिक्रमणकारियों की उड़ गई नींद

शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का सख्त रुख बुधवार को साफ नजर आया। निगम की टीम ने सुबह होते ही प्रवर्तन दल के साथ अय्यूब खां चौराहा (पटेल चौक) से कार्रवाई की शुरुआत की। सड़क किनारे फैलाए गए सामान, ठेले और फड़ वालों के अवैध कब्जे को देखते हुए टीम ने कड़ा कदम उठाया।
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Updated: 3 Dec 2025, 9:03 PM IST
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बरेली। शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का सख्त रुख बुधवार को साफ नजर आया। निगम की टीम ने सुबह होते ही प्रवर्तन दल के साथ अय्यूब खां चौराहा (पटेल चौक) से कार्रवाई की शुरुआत की। सड़क किनारे फैलाए गए सामान, ठेले और फड़ वालों के अवैध कब्जे को देखते हुए टीम ने कड़ा कदम उठाया।

निगम की गाड़ियां और अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। दुकानदारों में इस कदर खलबली थी कि कई लोग अपना सामान समेटकर अंदर रखनें लगे, जबकि वहीं ठेले वाले ताबड़तोड़ अपनी जगह खाली करने की कोशिश करते दिखे। टीम ने पहले पटेल चौक में सड़क पर फैले दुकानों और फड़ों को हटवाया, फिर आगे बढ़ते हुए कार्रवाई का दायरा कुतुबखाना तक फैलाया।

रास्ते में जहां भी अतिक्रमण मिला, उसे मौके पर ही हटवा दिया गया। कई जगह दुकानदारों ने सड़क का बड़ा हिस्सा घेरकर सामान फैला रखा था। निगम टीम ने बिना किसी ढील के इन सभी को हटाने के आदेश दिए। इसी दौरान दर्जनों ठेले, टेबल और दुकान के बाहर रखे हुए सामान को जब्त कर लिया गया। टीम ने साफ चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान निगम ने अतिक्रमण करने वालों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अधिकारियों के मुताबिक बार-बार चेतावनी देने के बाद भी लोग सड़क पर कब्जा कर रहे थे, ऐसे में सख्ती जरूरी हो गई थी। निगम का कहना है कि मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ रही थी। जगह-जगह जाम की स्थिति बनती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। निगम का यह भी कहना है कि अगर दुकानदार स्वेच्छा से फुटपाथ और सड़क खाली रखें, तो कठोर कार्रवाई की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।