एलपीजी किल्लत के बीच अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में गैस की कमी के चलते जहां लोग अतिरिक्त सिलिंडर जमा कर रहे हैं, वहीं अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
बरेली। एलपीजी किल्लत के बीच अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में गैस की कमी के चलते जहां लोग अतिरिक्त सिलिंडर जमा कर रहे हैं, वहीं अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। जिला पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि एक घर में तय सीमा से ज्यादा सिलिंडर मिलने पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी और जेल तक जाना पड़ सकता है।
नियमों के अनुसार घरेलू उपभोक्ता को 14.2 किलो के सिर्फ दो एलपीजी सिलिंडर रखने की अनुमति है एक उपयोग के लिए और दूसरा बैकअप के तौर पर। लेकिन अगर किसी घर में दो से ज्यादा सिलिंडर पाए जाते हैं तो इसे जमाखोरी की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में जांच के बाद सख्त कार्रवाई तय है।
जिला पूर्ति विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9456667774 जारी करते हुए आम लोगों से भी सहयोग मांगा है। यदि किसी घर या गोदाम में अधिक सिलिंडर भंडारण की सूचना मिलती है तो उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद पुलिस टीम के साथ औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच में मामला सही पाए जाने पर मौके पर ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। अगर कोई व्यक्ति घर या गोदाम में कई भरे हुए सिलिंडर जमा करता है, घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग करता है, बुकिंग के नियमों का गलत फायदा उठाता है या सिलिंडर को ज्यादा कीमत पर बेचता है तो वह सीधे कानून के दायरे में आएगा। प्रशासन ने ऐसे मामलों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
निरीक्षण में अतिरिक्त सिलिंडर मिलने पर उन्हें जब्त कर लिया जाएगा और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस कानून के तहत तीन महीने से लेकर सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, अगर एक ही पते पर एक व्यक्ति के नाम दो गैस कनेक्शन पाए जाते हैं तो दोनों कनेक्शन ब्लॉक कर दिए जाएंगे और अब तक मिली सब्सिडी की वसूली भी की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही गैस का उपयोग करें और अनावश्यक भंडारण से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।