फतेहगंज पूर्वी में होली की आड़ में सड़क पर खुलेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोमवार शाम गांव लौट रही दो युवतियों को बीच रास्ते रोककर जबरन रंग लगाया गया। परिवार ने विरोध किया तो मारपीट की गई और बाद में छत से फायरिंग कर दहशत फैला दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बरेली। फतेहगंज पूर्वी में होली की आड़ में सड़क पर खुलेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोमवार शाम गांव लौट रही दो युवतियों को बीच रास्ते रोककर जबरन रंग लगाया गया। परिवार ने विरोध किया तो मारपीट की गई और बाद में छत से फायरिंग कर दहशत फैला दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे वह अपनी दो बहनों और पत्नी के साथ टेंपो से फतेहगंज पूर्वी से अपने गांव लौट रहा था। गांव से कुछ दूरी पहले सड़क पर कुछ लोग डीजे बजाकर खड़े थे। आरोप है कि उन्होंने टेंपो को जबरन रुकवाया और बहनों को नीचे उतरने के लिए कहा।
युवक का कहना है कि आरोपियों ने उसकी बहनों पर जबरन रंग डालने की कोशिश की। उसने विरोध किया तो गाली-गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ी तो लाठी-डंडे चलने लगे। युवक और उसकी पत्नी को भी पीटा गया।
शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा होने लगे। आरोप है कि हुड़दंगियों ने उन पर पथराव कर दिया। कुछ लोगों को चोटें भी आईं। इसी दौरान माहौल और बिगड़ गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उपद्रवियों ने तमंचा दिखाया और अपने घर की छत से फायरिंग की। गोली चलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों में दुबक गए।
युवक ने करीब आधा दर्जन लोगों को नामजद करते हुए थाने में तहरीर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। चर्चा यह भी है कि उनमें कुछ अधिवक्ता शामिल बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि रंग लगाने को लेकर महिलाओं के साथ मारपीट हुई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपों की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।