31 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खुद कस्टमर बनकर पहुंची IPS; डॉक्टर से बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई, बरेली के बच्चा चोर मामले में बड़ा खुलासा

IPS Anshika Verma Latest News: IPS अधिकारी अंशिका वर्मा ने बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए बड़ा कदम उठाया। पढ़िए मामले का पूरा केस अपडेट।

2 min read
Google source verification
big revelation bareilly child lifting case ips anshika verma poses as customer to conduct sting know case update

खुद कस्टमर बनकर पहुंची IPS अंशिका वर्मा, फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

IPS Anshika Verma Latest News:बरेलीपुलिस ने डेढ़ साल के मासूम ऋषभ को सकुशल बरामद करने के बाद एक ऐसे बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बच्चों का अपहरण कर उन्हें देश के अलग-अलग शहरों में निसंतान दंपतियों को बेचता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह चोरी या अपहरण किए गए बच्चों की कीमत 5 से 10 लाख रुपये तक वसूलता था।

डॉक्टर निकला पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड

पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का रहने वाला डॉ. संजय कुमार है। वह अपने सहयोगी डॉ. केशव राम उर्फ मंजेश और नर्स सीता के साथ मिलकर अवैध तरीके से बच्चा बिक्री का नेटवर्क चला रहा था। आरोप है कि यह गैंग बच्चों की खरीद-फरोख्त के लिए एक कथित एबॉर्शन और एडॉप्शन सेंटर का इस्तेमाल करता था।

मनोना धाम से हुआ था मासूम ऋषभ का अपहरण

24 मई को बरेली के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मनोना धाम से डेढ़ साल के ऋषभ का अपहरण कर लिया गया था। मामले की जांच के दौरान महिला एसओजी टीम ने आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद योगेश कनौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया था।

पूछताछ में सामने आया बच्चा चोरी का नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे अपने साथी उत्तम कुमार के साथ मिलकर डॉ. संजय कुमार के गिरोह के लिए काम करते थे। यह लोग अस्पतालों, मेलों, धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बच्चों का अपहरण या चोरी कर उन्हें गिरोह तक पहुंचाते थे। इसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलती थी।

दिल्ली-मुंबई तक फैला था बच्चों की बिक्री का कारोबार

जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए बच्चों को डॉ. संजय कुमार और उसके साथी दिल्ली, मुंबई समेत विभिन्न शहरों में निसंतान और संपन्न दंपतियों को बेचते थे। कथित तौर पर बच्चों की मांग के अनुसार सौदे तय किए जाते थे और लाखों रुपये की रकम वसूली जाती थी।

IPS अंशिका वर्मा बनीं ग्राहक, रचा स्टिंग ऑपरेशन

गिरोह तक पहुंचने के लिए एसपी अंशिका वर्मा ने खुद ग्राहक बनकर ऑपरेशन चलाया। उन्होंने डॉ. संजय कुमार से संपर्क कर बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान डॉक्टर ने उन्हें 5 लाख रुपये में एक नवजात बच्चा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया और टोकन मनी के रूप में आधी रकम जमा कराने की बात कही।

नोटों की गड्डी हाथ में लेते ही हुआ खुलासा

योजना के तहत अंशिका वर्मा आरोपी डॉक्टर के सेंटर पहुंचीं। वहां डॉ. संजय कुमार, डॉ. केशव राम और नर्स सीता मौजूद थे। जैसे ही डॉक्टर ने टोकन मनी के रूप में दी गई नोटों की गड्डी हाथ में ली, अंशिका वर्मा ने अपनी पहचान उजागर कर दी। इसके बाद बाहर तैनात महिला एसओजी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों डॉक्टरों और नर्स को गिरफ्तार कर लिया।

कई बच्चों की बिक्री की आशंका

पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक कई बच्चों की खरीद-फरोख्त कर चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

जेल भेजने की तैयारी में पुलिस

फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर रही है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद गिरोह के सदस्यों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग