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जब इस हिंसा में ‘सिंघम’ IPS अजय पाल शर्मा के पहुंचते ही ‘कांप’ उठा था मास्टरमाइंड! पूरा किस्सा आखिर है क्या?

IPS Ajay Pal Sharma Latest News: 'सिंघम' IPS अजय पाल शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने एक हिंसा के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। जानिए पूरा किस्सा क्या है?

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IPS अजय पाल शर्मा को लेकर ताजा खबर। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

IPS Ajay Pal Sharma Latest News: यूपीकैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान रखने वाले IPS अजय पाल शर्मा ( IPS Ajay Pal Sharma) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में उनकी तैनाती के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसी बीच कानपुर की 3 जून 2022 की नई सड़क हिंसा के दौरान उनकी भूमिका भी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

बंगाल में वायरल हुआ वीडियो

दरअसल, चुनाव आयोग ने IPS अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया है। इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पहुंचकर सख्त चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में अजय पाल शर्मा यह कहते नजर आ रहे हैं कि यदि मतदाताओं को धमकाने या डराने की शिकायत दोबारा मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

TMC नेताओं ने साधा निशाना

इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 4 मई के बाद उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा। वहीं, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं और अजय पाल शर्मा की भूमिका पर निशाना साधा है।

क्या थी 'नई सड़क हिंसा'? जब IPS अजय पाल शर्मा ने संभाला था मोर्चा!

3 जून 2022 को कानपुर के नई सड़क इलाके में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई थी। BJP महिला नेता की टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव में बदल गया था। परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में जमकर पथराव और उपद्रव हुआ था। स्थिति बिगड़ने के बाद शासन ने विशेष तौर पर IPS अजय पाल शर्मा को कानपुर भेजा था जिससे हालात पर काबू पाया जा सके और हिंसा के मास्टरमाइंड्स पर कार्रवाई हो सके।

हयात जफर हाशमी समेत कई आरोपी हुए थे गिरफ्तार

नई सड़क हिंसा मामले में हयात जफर हाशमी को मास्टरमाइंड माना गया था। पुलिस ने हाजी वसी और हयात जफर हाशमी समेत 18 लोगों को नामजद किया था, जबकि करीब 250 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। चंद्रेश्वर हाता इलाके को खाली कराने को लेकर विवाद बढ़ा था, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए और कई स्थानों पर पथराव हुआ।

कानपुर पहुंचते ही उपद्रवियों में दिखा खौफ

IPS अजय पाल शर्मा को अपराध और दंगों पर सख्ती से कार्रवाई के लिए जाना जाता है। कानपुर पहुंचने के बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा और तत्कालीन DM नेहा शर्मा के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की थी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से शांति व्यवस्था बहाल कराई। उस समय शहर में यह चर्चा भी थी कि उनके पहुंचने से उपद्रवियों और अपराधियों में डर का माहौल बन गया था। उनके कानपुर पहुंचने के बाद उपद्रवियों समेत अपराधियों में खौफ दिखाई दिया था। बता दें कि 100 से ज्यादा एनकाउंटर IPS अजय पाल शर्मा के नाम दर्ज हैं। इसी वजह से उनको 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' भी कहा जाता है। हिंसा के दौरान उन्होंने हालातों का जायजा लेकर योजना बनाकर इलाके में शांति स्थापित की थी।

सहारनपुर से शुरू हुआ था करियर

पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय पाल शर्मा यूपी कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई थी। रामपुर में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के चर्चित मामले में उन्होंने मुख्य आरोपी को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद वह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गए थे।