
AI in Healthcare: Indian Institute of Technology Kanpur के शोधकर्ताओं ने जैव-चिकित्सा अनुसंधान की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने “Renoir” नामक एक अत्याधुनिक कम्प्यूटेशनल टूल विकसित किया है, जो यह समझने में मदद करेगा कि शरीर के जटिल ऊतकों (टिश्यू) के भीतर कोशिकाएं आपस में कैसे संवाद करती हैं। यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल Nature Communications में प्रकाशित हुआ है।
इस शोध का नेतृत्व IIT कानपुर के एसोसिएट प्रोफेसर Hameem Zafar ने किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़ों को समझने और भविष्य में अधिक सटीक इलाज विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
मानव शरीर का हर अंग करोड़ों कोशिकाओं के आपसी संवाद पर काम करता है। यही कोशिकाएं विकास, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और रोगों की प्रगति जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती हैं। हालांकि आधुनिक तकनीकें ऊतकों में जीन गतिविधियों को माप सकती हैं, लेकिन अब तक यह समझना बेहद मुश्किल था कि एक कोशिका से मिलने वाले संकेत दूसरी कोशिका के व्यवहार को किस तरह प्रभावित करते हैं।
Renoir इसी चुनौती का समाधान लेकर आया है। यह स्पैटियल ट्रांसक्रिप्टोमिक्स डेटा का उपयोग करता है, जिससे वैज्ञानिक न केवल कोशिकाओं के बीच हो रहे संवाद को पहचान सकते हैं, बल्कि यह भी देख सकते हैं कि ये संकेत ऊतक के किस हिस्से में किस प्रकार जीन गतिविधि को प्रभावित कर रहे हैं।
प्रो. हमीम ज़फ़र के अनुसार, Renoir की मदद से अब यह पता लगाया जा सकता है कि विशेष सिग्नलिंग इंटरैक्शन कोशिकाओं में जीन गतिविधि को कैसे बदलते हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक विशेष रूप से कैंसर जैसी जटिल बीमारियों में रोग-प्रेरित संचार नेटवर्क को समझने और अधिक सटीक उपचार लक्ष्य खोजने में मदद करेगी।शोधकर्ताओं ने बताया कि यह टूल “कम्युनिकेशन नीश” की पहचान भी करता है, यानी ऐसे विशेष स्थान जहां कोशिकाओं के बीच खास प्रकार के सिग्नलिंग मार्ग सक्रिय रहते हैं।
इस अध्ययन के प्रथम लेखक और IIT कानपुर के पूर्व एमएस छात्र Naren Rao ने बताया कि इस टूल का नाम फ्रांसीसी इंप्रेशनिस्ट कलाकार Pierre-Auguste Renoir से प्रेरित होकर रखा गया। उनका कहना है कि यह तकनीक दो-आयामी ऊतक संरचना में जीन गतिविधियों को मानो चित्रित करती है।
यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया के Garvan Institute of Medical Research में प्रो. Ankur Sharma की प्रयोगशाला के साथ मिलकर किया गया। यहां भ्रूणीय यकृत और लिवर कैंसर से जुड़े स्पैटियल ट्रांसक्रिप्टोमिक्स डेटा का उपयोग करके Renoir का परीक्षण किया गया। परीक्षण में इस तकनीक ने ट्यूमर की प्रगति और विकास प्रक्रियाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जैविक गतिविधियों का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
स्पैटियल ट्रांसक्रिप्टोमिक्स को आधुनिक जीवविज्ञान की सबसे तेजी से विकसित होने वाली तकनीकों में माना जा रहा है। Renoir को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख स्पैटियल-प्रोफाइलिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ काम कर सके।विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक कैंसर जीवविज्ञान, विकासात्मक अनुसंधान और प्रिसीजन मेडिसिन के क्षेत्र में नई खोजों की गति तेज कर सकती है। यह सॉफ़्टवेयर रिसर्च समुदाय के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है।
Published on:
07 May 2026 06:21 pm
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