
डॉक्टर रुबिया खान से पति ने की दरिंदगी, PC- Patrika
कानपुर : एक सेना के रिटायर्ड सूबेदार मेजर ने अपनी डॉक्टर बेटी रुबिया खान के हाथ पीले करने के लिए अपनी पूरी उम्र की कमाई और पुश्तैनी जेवर तक लगा दिए। करीब 50 लाख रुपये खर्च किए ताकि बेटी एक खुशहाल घर में जाए। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस चौखट पर वह अपनी बेटी को विदा कर रहे हैं, वहां इंसान नहीं बल्कि दहेज के भूखे शिकारी रहते हैं।
रुबिया का निकाह 23 मार्च 2022 को सम्भल निवासी मोहम्मद ताजदार आलम से हुआ। यह रिश्ता एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुआ था। उम्मीद थी कि एक शिक्षित परिवार में रुबिया को सम्मान मिलेगा, लेकिन शादी की पहली रात ही पति ने सारे अरमान कुचल दिए। ताजदार ने साफ शब्दों में कह दिया, 'मैं अलीशा से प्यार करता हूं, तुमसे शादी सिर्फ दहेज के लिए की है।'
रुबिया का सबसे बड़ा दर्द उसकी कोख का कत्ल है। जब वह पहली बार गर्भवती हुई, तो ससुराल वालों ने खुशी मनाने के बजाय उसे 'बासी खाने' में नशीली और हानिकारक चीजें मिलाकर देना शुरू कर दिया। परिणाम यह हुआ कि जनवरी 2023 में रुबिया के पहले बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई।
जुल्म की इंतहा सितंबर 2024 में फिर दोहराई गई। जब रुबिया दूसरी बार गर्भवती हुई, तो फिर वही अमानवीय कृत्य किया गया। तीन दिन तक तड़पने के बावजूद उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया। नतीजा यह हुआ कि दूसरा बच्चा भी कोख में मर गया और जहर रुबिया के पूरे शरीर में फैल गया। मौत के मुंह से वह किसी तरह बचकर निकली।
घर के अंदर रुबिया सिर्फ दहेज के लिए नहीं, बल्कि अपनी गरिमा के लिए भी लड़ रही थी। आरोप है कि उसके ननदोई मोहम्मद शोएब ने उसके साथ अश्लील हरकतें और जबरदस्ती की कोशिश की। जब रुबिया ने इसकी शिकायत अपने पति और ससुर से की, तो बचाने के बजाय उन्होंने रुबिया के हाथ-पैर पकड़ लिए और पति ने चाकू दिखाकर उसे चुप रहने को कहा।
अप्रैल 2025 में जब रुबिया तीसरी बार गर्भवती हुई, तो वह किसी तरह जान बचाकर अपने मायके कानपुर भाग आई। यहां उसने 1 जनवरी 2026 को एक स्वस्थ बच्ची 'आयशा' को जन्म दिया। लेकिन दूसरी ओर, उसके पति ने उसे 'बांझ' का लेबल लगा दिया और अपनी पुरानी प्रेमिका अलीशा से दूसरी शादी कर ली। जब रुबिया ने विरोध किया तो पति ने ठसक से जवाब दिया 'तुम बच्चा पैदा नहीं कर सकती, इसलिए दूसरी शादी कर ली।'
ससुराल पक्ष का सियासी रसूख इतना है कि पुलिस ने शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी सास पूर्व जिला पंचायत सदस्य रही हैं। यहां तक कि जब पुलिस ने पूछताछ की, तो आरोपी पति ने कानून को ही चुनौती दे दी कि 'हमारे धर्म में चार शादियों की इजाजत है, पहले कानून पढ़कर आओ।'
कानपुर पुलिस कमिश्नर के दखल के बाद अब चकेरी थाने में पति ताजदार आलम समेत परिवार के अन्य सदस्यों और दूसरी पत्नी अलीशा के खिलाफ 13 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
Updated on:
06 May 2026 10:25 pm
Published on:
06 May 2026 10:10 pm
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