7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मजदूरों के दस्तावेजों से चला 146 करोड़ का काला कारोबार, कानपुर में ‘फर्जी फर्म गैंग’ का सरगना गिरफ्तार

Kanpur Fraud Case:कानपुर में फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी मजदूरों और गरीब लोगों के आधार-पैन कार्ड से फर्म और बैंक खाते खोलकर करोड़ों का कारोबार चला रहे थे। पुलिस ने 146 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन मामले में गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification

कानपुर में साइबर ठगी और फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन का बड़ा खुलासा हुआ है। कमिश्नरेट पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को झांसे में लेकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल करता था। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किया जाता था। मामले में गिरोह के सरगना महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पूरे नेटवर्क का खुलासा चकेरी थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना की जांच के दौरान हुआ। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि आरोपी और उसके साथी सुनियोजित तरीके से लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद साइबर सेल, सर्विलांस टीम और चकेरी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।

मजदूर के नाम पर बनाई फर्जी फर्म

24 अप्रैल 2026 को जूही परमपुरवा निवासी निखिल कुमार ने चकेरी थाने में शिकायत दी थी। निखिल ने बताया कि वह मजदूरी करता है और कम पढ़ा-लिखा है। आरोपियों ने उसके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी सिम कार्ड निकलवाया और उसके नाम से “रवि इंटरप्राइजेज” नाम की कंपनी बना दी। इतना ही नहीं, उसी फर्म के जरिए जीएसटी नंबर हासिल कर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया।

पुलिस जांच में पता चला कि पिछले छह महीनों में इस फर्म के खाते से करीब 7 करोड़ 75 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ था। यह जानकारी सामने आते ही पुलिस के भी होश उड़ गए।

बीमा और लोन के नाम पर जाल

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह अलग-अलग तरीके से लोगों को फंसाता था। किसी को बीमा कराने का झांसा दिया जाता था तो किसी को मुद्रा लोन दिलाने का लालच। दस्तावेज हाथ लगते ही आरोपी उनके नाम से फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खोल लेते थे।

पुलिस के मुताबिक, एक बीमार महिला को बीमा कराने का भरोसा देकर उसके दस्तावेज लिए गए और “आरती इंटरप्राइजेज” नाम से फर्जी फर्म तैयार कर दी गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों से “राजा इंटरप्राइजेज” बनाई गई।

146 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा

सबसे चौंकाने वाला खुलासा “अल्फिशा इंटरप्राइजेज” नाम की फर्म को लेकर हुआ। पुलिस जांच में पता चला कि इस कंपनी के जरिए करीब 146 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इसके अलावा कई बैंक खातों और जीएसटी नंबरों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी खुद इन खातों का संचालन करते थे और आम लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती थी।

कई मुकदमे पहले से दर्ज

गिरफ्तार महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी निवासी जाजमऊ पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन की गहन जांच कर रही है।