शहर की सफाई व्यवस्था की हकीकत शुक्रवार को उस समय सामने आ गई जब नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने वार्डों का औचक निरीक्षण किया। कागजों में चमकती गलियां हकीकत में गंदगी से अटी पड़ी मिलीं। जगह-जगह कूड़े के ढेर, सड़कों पर उगी घास और लापरवाही का आलम देखकर नगरायुक्त भड़क उठे।
बरेली। शहर की सफाई व्यवस्था की हकीकत शुक्रवार को उस समय सामने आ गई जब नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने वार्डों का औचक निरीक्षण किया। कागजों में चमकती गलियां हकीकत में गंदगी से अटी पड़ी मिलीं। जगह-जगह कूड़े के ढेर, सड़कों पर उगी घास और लापरवाही का आलम देखकर नगरायुक्त भड़क उठे।
खासकर वार्ड-62 चक महमूद की गलियां सफाई व्यवस्था की पोल खोलती नजर आईं। वहां न सिर्फ गंदगी पसरी थी, बल्कि जिम्मेदार कर्मचारी भी मौके से नदारद मिले। इस पर नगरायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्षेत्रीय सफाई नायक राजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सुबह निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त कालीबाड़ी, कांकरटोला, आला हजरत हॉस्पिटल रोड (वार्ड-17) और चक महमूद समेत कई इलाकों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर ही सफाई टीम लगवाकर गंदगी साफ कराने और सड़कों के किनारे उगी घास की तुरंत कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी नगरायुक्त के निशाने पर रहे। नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सफाई कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गली-कूचों में गंदगी और घास की भरमार से बीमारियों का खतरा बढ़ता है, ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
नगर आयुक्त ने साफ किया कि अब सिर्फ फाइलों में सफाई दिखाने का दौर खत्म हो चुका है, जमीनी हकीकत में काम नजर आना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि लापरवाही दोबारा मिली तो अगली कार्रवाई और भी सख्त होगी।