सरकारी नौकरी का सपना संजोए एक युवक को झांसा देकर ठगों ने 12 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित ने कर्ज लेकर और जेवरात बेचकर यह रकम जुटाई थी। नियुक्ति की तारीखें बीतने पर जब युवक को ठगी का एहसास हुआ और रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने धमकी दी कि झूठे मुकदमे में फंसा देंगे।
बरेली। सरकारी नौकरी का सपना संजोए एक युवक को झांसा देकर ठगों ने 12 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित ने कर्ज लेकर और जेवरात बेचकर यह रकम जुटाई थी। नियुक्ति की तारीखें बीतने पर जब युवक को ठगी का एहसास हुआ और रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने धमकी दी कि झूठे मुकदमे में फंसा देंगे।
पीड़ित की तहरीर पर इज्जतनगर पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना सुभाषनगर क्षेत्र के मढ़ीनाथ रोड, सिठौरा निवासी कन्हईलाल ने बताया कि आरोपी एकता आनंद और अभिषेक सक्सेना बेटे आकाश कुमार को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर मिले थे। आरोपियों ने खुद को रसूखदार बताते हुए कहा कि वे स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी लगवा सकते हैं। पहले आरोपियों ने ढाई लाख रुपये एडवांस लिए। फिर एक लाख रुपये लेकर फर्जी स्पोर्ट्स प्रमाणपत्र बनवाया और रांची बुलाकर 1.83 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा 60 हजार रुपये एटीएम से निकाले। रांची में होटल में ठहराकर आकाश को फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र थमा दिए।
इसके बाद एकता आनंद ने अपने घर बुलाकर पांच लाख रुपये नकद ले लिए। जब लखनऊ में भी नियुक्ति नहीं हुई तो एक और फर्जी पत्र सौंप दिया गया। आरोपियों ने आकाश के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पासबुक, आधार कार्ड की प्रतियां और पांच सादे चेक भी अपने पास रख लिए। जब पीड़ित ने धोखाधड़ी की आशंका जताई और रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने धमकाते हुए कहा कि न तो पैसा मिलेगा और न ही नौकरी, उल्टा झूठे मुकदमे में फंसा देंगे।