हज यात्रा पर रवाना होने वाली महिला यात्रियों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की गई है। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खां वारसी ने मुस्लिम महिलाओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान उंगलियों और अंगूठे पर मेहंदी लगाने से बचें, क्योंकि इससे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है।
बरेली। हज यात्रा पर रवाना होने वाली महिला यात्रियों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की गई है। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खां वारसी ने मुस्लिम महिलाओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान उंगलियों और अंगूठे पर मेहंदी लगाने से बचें, क्योंकि इससे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार मेहंदी त्वचा की ऊपरी परत पर गहरा असर डालती है, जिससे उंगलियों की बारीक लकीरें ढक जाती हैं। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन के दौरान फिंगरप्रिंट स्कैन अनिवार्य होता है, ऐसे में मेहंदी लगी होने पर मशीन सही पहचान नहीं कर पाती। इससे यात्रियों को वेरिफिकेशन में देरी या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सऊदी अरब में सिम कार्ड खरीदने और एक्टिवेट करने के लिए भी फिंगरप्रिंट जरूरी होता है। यदि उंगलियों पर मेहंदी लगी हो तो सिम एक्टिवेशन में दिक्कत आ सकती है, जिससे हज यात्रियों को संचार संबंधी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। समिति ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे इस सलाह का पालन कर अपनी यात्रा को सुगम बनाएं। उधर, लखनऊ एयरपोर्ट से 22 अप्रैल को हज यात्रियों को लेकर जाने वाली फ्लाईनास की फ्लाइट तय समय पर उड़ान नहीं भर सकी। दोपहर 2 बजे निर्धारित उड़ान के समय तापमान 41 डिग्री सेल्सियस था, जिस कारण पायलट ने टेकऑफ से इनकार कर दिया।
शाम करीब 7 बजे तापमान 35 डिग्री पर आने के बाद बोर्डिंग शुरू की गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार विदेशी एयरलाइंस निर्धारित मानकों के अनुसार ही उड़ान भरती हैं। शाम 6:55 बजे बोर्डिंग शुरू हुई, 7:15 बजे पूरी हुई और 7:25 बजे विमान ने उड़ान भरी। इस फ्लाइट से कुल 426 यात्री रवाना हुए। हज यात्रियों से कहा गया है कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर वे अपनी यात्रा को सुरक्षित और परेशानी मुक्त बना सकते हैं।