29 अप्रैल को यूपी बोर्ड के परिणाम हुए थे घोषित। चचेरी बहन से कम नंबर मिलने के कारण आहत थी छात्रा। आग लगाई और तड़प तड़प कर तोड़ दिया दम।
बरेली।यूपी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा में कम अंक आने पर छात्रा ने खुद को आग के हवाले कर आत्मदाह कर लिया। हालांकि आग की लपटों में घिरी छात्रा के परिजनों को जैसे ही पता चला उन्होंने फौरन आग बुझाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक छात्रा की मौत हो चुकी थी। छात्रा की मां ने बताया कि छात्रा और उसकी चचेरी बहन ने हाई स्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें उनकी बेटी के नंबर उसकी चचेरी बहन से कम आए, इस बात से दुखी होकर उसने आत्मदाह कर लिया।
परेशान थी छात्रा
फरीदपुर के बक्सरिया मोहल्ले के रहने वाले मुकेश तिवारी फौज में हैं। उनकी बेटी प्रियांशी फरीदपुर के किशोर चन्द्र कन्या इंटर कॉलेज में हाई स्कूल की छात्रा थी। प्रियांशी की चचेरी बहन वंशिका भी उसी स्कूल में पढ़ती थी। दोनों साथ में ही स्कूल जाती थीं और दोनों ने साथ में ही हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। रविवार को जब यूपी बोर्ड का रिजल्ट आया तो दोनों प्रथम श्रेणी में पास हुई थीं। लेकिन प्रियांशी के अंक 67 प्रतिशत थे और उसकी चचेरी बहन वंशिका को 70 प्रतिशत अंक मिले थे। चचेरी बहन के ज्यादा नंबर देखकर प्रियांशी आहत हो गई और उसने घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर मिट्टी का तेल छिड़क कर खुद को आग लगा ली।
चीख सुनी तब परिजनों को पता चला
आग की लपटों में जैसे ही प्रियांशी घिरी तो बुरी तरह चीखने लगी। चीख सुनकर घर वाले ऊपर पहुंचे तो देखा कि उसने आग लगा ली थी। परिजनों ने आनन फानन में किसी तरह आग बुझाई और प्रियांशी को इलाज के लिए लेकर अस्पताल गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रियांशी की मां पिंकी तिवारी ने बताया कि चचेरी बहन से कम अंक आने से उनकी बेटी नाखुश थी और उसने खुदकुशी कर ली।
अफसर बनना चाहती थी
प्रियांशी के परिजनों ने बताया कि प्रियांशी का सपना आगे की पढ़ाई पूरी कर सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का था। वो अफसर बनकर देश की सेवा करने चाहती थी लेकिन इस घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है।