हनीट्रैप के नाम पर ब्लैकमेलिंग के मामले में प्रेमनगर पुलिस ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को मुख्य आरोपी पूजा शर्मा को जेल भेजने के बाद अब उसके भाई उदित पांडेय को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि भाई-बहन ने मिलकर युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 22 लाख रुपये की डिमांड की।
बरेली। हनीट्रैप के नाम पर ब्लैकमेलिंग के मामले में प्रेमनगर पुलिस ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को मुख्य आरोपी पूजा शर्मा को जेल भेजने के बाद अब उसके भाई उदित पांडेय को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि भाई-बहन ने मिलकर युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 22 लाख रुपये की डिमांड की।
पीड़ित मनीष गंगवार निवासी इंद्रानगर ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें हनीट्रैप में फँसाकर दुष्कर्म जैसे संगीन आरोपों में झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। डर और बदनामी के भय से उनसे पहले 10 लाख रुपये वसूल लिए गए। मामला यहीं नहीं थमा, कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर से 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी और रकम न देने पर गंभीर धाराओं में फँसाने की धमकी दी।
पीड़ित युवक, जो बिजली विभाग से जुड़ा ठेकेदार बताया जा रहा है, ने शिकायत में कहा कि करीब एक साल पहले उसके परिचित के मकान में पूजा शर्मा किराए पर रहने आई थी। खुद को पति से अलग और दो बच्चों के साथ अकेली बताकर उसने सहानुभूति हासिल की। धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा। खर्च और जरूरत के नाम पर कभी दो-पांच हजार रुपये, कभी अन्य मदद ली जाती रही। आरोप है कि इसी दौरान नजदीकियां बढ़ीं और बाद में यही संबंध ब्लैकमेलिंग का आधार बना। जब युवक को शक हुआ और उसने दूरी बनानी शुरू की तो मामला अचानक पलट गया। आरोप है कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। पुलिस के मुताबिक, पहले 10 लाख रुपये लिए गए। इसके बाद फिर से 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। कुल मिलाकर 22 लाख रुपये की उगाही का प्रयास बताया गया है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शनिवार को पूजा शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को उसके भाई उदित पांडेय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि उदित पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभा रहा था, समझौते की रकम तय कराने और दबाव बनाने में उसकी संलिप्तता सामने आई है। एफआईआर में अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या पहले भी इसी तरह अन्य लोगों को निशाना बनाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि झूठे मुकदमों की धमकी देकर किसी से उगाही करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।