दो महीने पहले दिया था तीन तलाक, उसके बाद उसने पत्नी को बुरी तरह पीटा।
बरेली। तीन तलाक की लड़ाई भले ही तलाक पीड़ित महिलाएं सुप्रीम कोर्ट से जीत गई हों लेकिन अभी भी महिलाओं पर होने वाला ये अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी बरेली में एक के बाद एक तीन तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला किला इलाके का है जहां पर शौहर ने बीवी को दो माह पहले तीन तलाक दे दिया, उसके बाद उसे बंधक बना कर जमकर मारपीट की गई। महिला के परिजनों को जब इसका पता चला तो महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां महिला की हालत गम्भीर बनी हुई है।
परिजनों का आरोप है कि महिला की स्वास्थ्य रिपोर्ट में गड़बड़ी कर दी गई है। महिला के भाई ने एसएसपी से दोबारा स्वास्थ्य जांच करा कर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई है। वहीं महिला की जानकारी मिलने पर तलाक पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए मेरा हक संस्था चलाने वाली केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फ़रहत नक़वी भी अस्पताल पहुंची और महिला को हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया।
दी गई यातनाएं
स्वालेनगर की रहने वाली रजिया की शादी 12 साल पहले बाकरगंज के नईम से हुई थी। नईम पहले से शादीशुदा है और वो अपनी पहली बीवी को छोड़ चुका है। एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में रजिया ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसको तलाक दे दिया जिसके बाद उसे घर मे बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। उसको भूखा प्यासा रखा गया। इतना ही नहीं उसकी लाठी डंडों से पिटाई भी की गई। पांच मई को इसकी रिपोर्ट किला में दर्ज कराई गई थी।
दोबारा मेडिकल कराने की मांग
रजिया के भाई असगर अली ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसकी बहन के साथ ससुराल में अत्याचार हुआ है, लेकिन मेडिकल के नाम पर खानापूर्ति की गई है, जबकि उसके बहन को काफी चोट आई है। इसके कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसने डाक्टरों और पुलिस पर ससुराल पक्ष से मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। रजिया के भाई ने एसएसपी से दोबारा मेडिकल कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
बिल बनाने की मांग
वही रजिया की मदद को पहुंची मेरा हक संगठन की अध्यक्ष फ़रहत नक़वी ने कहा कि अगर तीन तलाक का कानून बन गया होता तो रजिया जैसी महिलाओं को ये दिन न देखना पड़ता। उनका कहना है कि इस मामले में डीएम से बात की है और डीएम के आदेश पर अब रजिया का दोबारा मेडिकल होगा।