शहर के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘ग्रेटर बरेली’ को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। रुद्र वनम से लेकर ग्रेटर बरेली परियोजना क्षेत्र तक चल रहे विकास कार्यों की सोमवार को जमीनी हकीकत परखी गई, जहां गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया।
बरेली। शहर के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘ग्रेटर बरेली’ को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। रुद्र वनम से लेकर ग्रेटर बरेली परियोजना क्षेत्र तक चल रहे विकास कार्यों की सोमवार को जमीनी हकीकत परखी गई, जहां गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मणिकंडन ने सोमवार को पूरे प्रोजेक्ट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों से एक-एक काम का अपडेट लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता में कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया और तेज करने के निर्देश दिए। रुद्र वनम स्थित सेंट्रल पार्क का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सफाई, हरियाली, लाइटिंग और अन्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने कहा कि यह पार्क शहर की पहचान बनने जा रहा है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए।
डॉ. मणिकंडन ने कहा कि ग्रेटर बरेली परियोजना शहर के सुनियोजित विकास की रीढ़ है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और बरेली की पहचान एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर के रूप में बनेगी। निरीक्षण के अंत में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। किसी भी प्रकार की देरी या ढिलाई पर जवाबदेही तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बीडीए के अन्य अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।