हुकूमत किसी जोर जबरदस्ती के ज़रिए population control करने की बात करती है तो ये नाजायज होगा।
बरेली।15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या विस्फोट और उसके दुष्परिणाम की बात कही थी,तब से चर्चा शुरू हो गई है कि सरकार जल्द ही इस पर कानून लाएगी। अभी इस पर कानून की बात सिर्फ चर्चाओं में है लेकिन इसके विरोध में स्वर उठने शुरू हो गये हैं। जनसँख्या नियंत्रण population control को लेकर तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन का विवादित बयान सामने आया है। उनका कहना है कि ये शरीयत के हिसाब से ठीक नहीं है और ऐसे किसी भी कानून का विरोध किया जायेगा। लोग खुद की इच्छा से जनसंख्या नियंत्रण करें तो ये शरीयत में भी जायज है।
मुस्लिम संगठन करेंगे विरोध
पत्रकारों से बात करते हुए मौलाना ने कहा कि पापुलेशन कंट्रोल के सिलसिले में शरियत इस्लामिया ने कोई पाबन्दी नही रखी है ,इस्लाम पाबन्दी की इज्जत नही देता है उन्होंने कहा अगर लोग अपने तौर पर खुद ऐहतियात बरते है तो इसमे भी कोई हर्ज नही है ,और ये नाजायज भी नही होगा । मगर हुकूमत किसी जोर जबरदस्ती के ज़रिए पापुलेशन कम population control करने की बात करती है तो ये नाजायज होगा। अगर इसकी कोशिश की गई तो एक बहुत बड़ा तबका विरोध करने पर भी उतर आएगा। अगर इस तरह की कोई पॉलिसी आते है तो हम लोग विरोध करेंगे और मुस्लिम संगठन भी विरोध करेंगे।