
विधायक डॉक्टर अरुण कुमार
बरेली। लगातार गहराते बिजली संकट को लेकर यूपी सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार के एक पत्र ने ऊर्जा विभाग में खलबली मचा दी है। बरेली शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर जिले में बदहाल बिजली व्यवस्था, लगातार हो रही कटौती और अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। मंत्री की शिकायत के बाद ऊर्जा विभाग ने बरेली में तैनात तीन अधिशासी अभियंताओं को हटाकर लखनऊ भेज दिया।
डॉ. अरुण कुमार ने अपने पत्र में लिखा कि जिले में भीषण गर्मी के बीच जबरदस्त बिजली कटौती की जा रही है। थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली जाने से आमजन परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते। चाहे कितनी भी कॉल कर ली जाए, जवाब नहीं मिलता। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वन मंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि आंधी-तूफान के बाद कई इलाकों में बिजली के तार टूटे पड़े हैं और बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। कई जगह पानी में करंट उतरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें इंसानों के साथ पशुओं की मौतें तक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि फाल्ट ठीक न होने के कारण कई मोहल्लों में घंटों, जबकि कुछ जगह पूरे दिन बिजली गुल रहती है।
डॉ. अरुण कुमार ने ऊर्जा मंत्री का ध्यान खींचते हुए कहा कि जब उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बिजली संकट को लेकर सवाल किया तो अधिकारियों ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया। मंत्री ने कहा कि हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनता का गुस्सा और बढ़ सकता है।
वन मंत्री की शिकायत के बाद ऊर्जा विभाग ने कार्रवाई करते हुए बरेली में तैनात अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार यादव, अनिल कुमार चौहान और संजीव कुमार को हटाकर लखनऊ भेज दिया। इसके अलावा मंडल के अन्य जिलों पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर से भी अधिशासी अभियंताओं के तबादले किए गए हैं। विभागीय कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
Updated on:
22 May 2026 04:30 pm
Published on:
22 May 2026 04:29 pm
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