
बरेली। नगर निगम में जनगणना ड्यूटी को लेकर गुरुवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया। कम पढ़े-लिखे और अशिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने से नाराज कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों, ड्राइवरों और मालियों ने उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले धरना देकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख नगर निगम प्रशासन को मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों को समझाना पड़ा।
कर्मचारियों का आरोप था कि जिन कर्मचारियों को ठीक से पढ़ना-लिखना भी नहीं आता, उन्हें जनगणना जैसे तकनीकी और जिम्मेदारी वाले काम में लगा दिया गया। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि कई लोगों को फॉर्म भरने और प्रक्रिया समझने में दिक्कत हो रही है, लेकिन बावजूद इसके उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
गुस्साए कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और आदेश वापस लेने की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम अधिकारियों में भी हलचल मच गई। मामला बढ़ता देख अपर नगर आयुक्त, पर्यावरण अभियंता और मुख्य सफाई निरीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की। कर्मचारियों ने साफ कहा कि कम शिक्षित कर्मचारियों से जनगणना का काम कराना व्यवहारिक नहीं है और इससे काम भी प्रभावित होगा।
काफी देर चली बातचीत के बाद अपर नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि हाईस्कूल से कम शिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में नहीं लगाई जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान देवदास चौहान, रघुनंदन उर्फ पंकज, राजेश कुमार, ठाकुर किशन पाल, सुरेध शिंदे, महक सिंह, नेकपाल सिंह और राजेंद्र कुमार समदर्शी समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
Updated on:
21 May 2026 09:15 pm
Published on:
21 May 2026 09:15 pm
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