ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने गुरुवार को ईरान की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान की सूरत-ए-हाल काफी बिगड़ चुकी है और वहां लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। मौलाना रजवी का आरोप है कि इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इस्राइल का हाथ है।
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने गुरुवार को ईरान की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान की सूरत-ए-हाल काफी बिगड़ चुकी है और वहां लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। मौलाना रजवी का आरोप है कि इन हिंसक प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इस्राइल का हाथ है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले कई वर्षों से ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने की साजिश कर रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरान की आंतरिक स्थिति कमजोर हुई है। मौलाना रजवी के मुताबिक अमेरिका ईरान पर कब्जा करना चाहता है और वहां मौजूदा नेतृत्व को हटाकर पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता सौंपने की कोशिश कर रहा है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि ऐसा होना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि रजा शाह पहलवी के बेटे अमेरिका के समर्थक हैं और वहीं रहते हैं, ऐसे में ईरान की जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत और यहां के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, सुकून और शांति के लिए दुआ करते हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिका की कथित दादागिरी और तानाशाही के खत्म होने की कामना की।
मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना-प्रदर्शन करना गलत नहीं है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर व्यक्ति का हक है। लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा करना, तोड़फोड़ करना, लोगों की जान की परवाह किए बिना संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।