शेयर बाजार में कमाई का सपना देख रहे एक युवक को ऑनलाइन ट्रेडिंग करना भारी पड़ गया। पहले यूट्यूब पर वीडियो देखकर शेयर बाजार की बारीकियां सीखी, फिर कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाए और आखिरकार 25 लाख रुपये गवां दिए। सबसे बड़ी बात यह कि पुलिस ने फर्जी कंपनी के खाते सीज कर रकम रिकवर कर ली है।
बरेली। शेयर बाजार में कमाई का सपना देख रहे एक युवक को ऑनलाइन ट्रेडिंग करना भारी पड़ गया। पहले यूट्यूब पर वीडियो देखकर शेयर बाजार की बारीकियां सीखी, फिर कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाए और आखिरकार 25 लाख रुपये गवां दिए। सबसे बड़ी बात यह कि पुलिस ने फर्जी कंपनी के खाते सीज कर रकम रिकवर कर ली है।
बारदरी के नवादा शेखान, गुलाबवारी रोड निवासी ओम प्रकाश गंगवार ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च 2025 को यूट्यूब पर शेयर मार्केट से जुड़े वीडियो देखकर ट्रेडिंग शुरू की थी। शुरुआत में ग्रो ऐप पर खाता खोला और धीरे-धीरे निवेश बढ़ाते गए। कुछ दिन बाद उनके संपर्क में आए लोगों ने UK India Fast Tech’ नाम के एक और ट्रेडिंग ऐप का झांसा दिया और कहा कि यहां मुनाफा ज्यादा है।
पीड़ित ओमप्रकाश ने भरोसा कर उस ऐप पर अकाउंट बना लिया और 28 मई 2025 तक कुल 25 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन जब उन्होंने निवेश की गई रकम को विड्रॉ करने की कोशिश की तो पता चला कि पैसा निकालना संभव नहीं है। इसके बाद ओमप्रकाश को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने 2 जून 2025 को ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच शुरू की और बताया कि फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के खाते सीज कर दिए गए हैं और उसमें से रकम की रिकवरी भी हो चुकी है, लेकिन पीड़ित को यह रकम तभी मिलेगी जब वह थाने में जाकर नियमित एफआईआर दर्ज कराएगा। इस पूरे मामले से परेशान ओमप्रकाश ने अब एसएसपी अनुराग आर्य से न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी के आदेश पर साइबर थान में पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।