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नगर आयुक्त की स्मार्ट ग्रीन सर्जरी: ऑटोमेशन से बरेली के पार्क होंगे खुद-सिंचित, हरियाली पर मशीनों की रहेगी पहरेदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर के पार्कों की हरियाली को बचाने और पानी की बेहतर बचत के लिए नगर निगम एक नई पहल करने जा रहा है। अब पार्कों में ऑटोमाइज्ड वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए तय समय पर अपने आप पानी का छिड़काव होगा। इसकी शुरुआत सिविल लाइंस क्षेत्र के दो पार्कों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।

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नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य

बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर के पार्कों की हरियाली को बचाने और पानी की बेहतर बचत के लिए नगर निगम एक नई पहल करने जा रहा है। अब पार्कों में ऑटोमाइज्ड वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए तय समय पर अपने आप पानी का छिड़काव होगा। इसकी शुरुआत सिविल लाइंस क्षेत्र के दो पार्कों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत कमिश्नर आवास के पास स्थित पार्क और नगर निगम कैंपस के पार्क को ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस तकनीक के लागू होने के बाद पौधों और घास की सिंचाई के लिए मानवीय दखल खत्म हो जाएगा और पहले से तय समय के अनुसार स्वतः पानी का छिड़काव होगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आगे चलकर शहर के सभी 253 पार्कों में इस सिस्टम को लागू किया जाएगा। इससे न सिर्फ पानी की बचत होगी, बल्कि कम खर्च में पार्कों की हरियाली को बनाए रखना भी आसान होगा। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी और शहरवासियों को साफ, सुंदर और हरे-भरे पार्कों की सौगात मिलेगी।

पायलट प्रोजेक्ट से सिविल लाइंस के दो पार्कों में ऑटोमाइज्ड वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम के जरिए पानी का छिड़काव स्वतः होगा। पायलट सफल होने पर इसे अन्य पार्कों में भी लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद शहर के सभी 253 पार्कों में सिस्टम को लागू किया जाएगा।

प्रोजेक्ट की शुरुआत कमिश्नर आवास और नगर निगम कैंपस के पार्कों से की जाएगी। इससे इन क्षेत्रों की हरियाली सुरक्षित रहेगी। ऑटोमेशन सिस्टम तय समय पर पौधों और घास को अपने आप पानी देगा। मानवीय दखल की जरूरत नहीं रहेगी। पानी का छिड़काव पहले से निर्धारित समय पर होगा, जिससे सिंचाई नियमित और प्रभावी होगी। कम खर्च में बेहतर सिंचाई, पानी की बचत और पार्कों की हरियाली लंबे समय तक बनी रहेगी।


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