उत्तर प्रदेश की रफ्तार पकड़ती अर्थव्यवस्था के बीच बरेली मंडल की तस्वीर भी सामने आ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में बरेली जिले ने विकास का झंडा बुलंद कर दिया है, जबकि पीलीभीत सबसे पीछे फिसलता नजर आ रहा है।
बरेली। उत्तर प्रदेश की रफ्तार पकड़ती अर्थव्यवस्था के बीच बरेली मंडल की तस्वीर भी सामने आ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में बरेली जिले ने विकास का झंडा बुलंद कर दिया है, जबकि पीलीभीत सबसे पीछे फिसलता नजर आ रहा है। सबसे खास बात ये कि बरेली अब ‘लखपति जिला’ बन चुका है, जहां प्रति व्यक्ति सालाना आय एक लाख रुपये के पार पहुंच गई है। वहीं मंडल के बाकी तीन जिले अभी भी इस आंकड़े से नीचे जूझ रहे हैं।
जीडीपी के मामले में बरेली मंडल में पहले स्थान पर
पीलीभीत की स्थिति सबसे कमजोर, विकास दर और योगदान दोनों में पिछड़ा
प्रदेश स्तर पर बरेली को 8वां स्थान मिला
बरेली: ₹1,04,314 (प्रति व्यक्ति आय)
शाहजहांपुर: ₹85,577
पीलीभीत: ₹84,713
बदायूं: ₹65,818 (सबसे कम)
इससे साफ है कि बरेली के लोग अब औसतन ‘लखपति’ हो चुके हैं, जबकि बदायूं सबसे पीछे खड़ा है।
बरेली: ₹65,119 करोड़
(2024-25)
शाहजहांपुर: ₹34,802 करोड़
बदायूं: ₹32,789 करोड़
पीलीभीत: ₹24,093 करोड़
पिछले तीन सालों में बरेली की जीडीपी लगातार तेजी से बढ़ी है, जिससे इसका विकास मॉडल मजबूत माना जा रहा है।
बरेली: 11% (सबसे ज्यादा)
पीलीभीत: 10.5%
शाहजहांपुर: 9.8%
बदायूं: 5.7% (सबसे कम)
बरेली: 2.15% (सबसे अधिक)
शाहजहांपुर: 1.15%
बदायूं: 1.08%
पीलीभीत: 0.80% (सबसे कम
हालांकि उत्तर प्रदेश की जीडीपी में इस साल 13.4% की वृद्धि हुई है, लेकिन बरेली मंडल के सभी जिलों की वृद्धि इससे कम रही। प्रति व्यक्ति आय में भी प्रदेश की वृद्धि 12% रही, जबकि मंडल इससे पीछे रह गया।