बारादरी थाना क्षेत्र में एक महिला का अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है।
बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र में एक महिला का अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देने के बाद कोर्ट के आदेश पर बारादरी थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। महिला का आरोप है कि वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल कर संबंध बनाने और रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डोहरा रोड निवासी महिला ने थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को दी तहरीर में बताया कि उसके पति का परिचय परचून की दुकान चलाने वाले वीर सिंह से था। दोनों परिवारों के बीच काफी समय से आना-जाना था। महिला का आरोप है कि उन्होंने जरूरत के समय वीर सिंह और उनकी पत्नी की आर्थिक मदद भी की थी और करीब तीन लाख रुपये दिए थे। साथ ही दुकान के कामकाज में भी सहयोग किया जाता था। पीड़िता के अनुसार 14 जुलाई 2025 को वह वीर सिंह के घर स्थित शौचालय में गई थी। इसी दौरान वीर सिंह के पौत्र वंश ने चोरी-छिपे उसका अश्लील वीडियो बना लिया। आरोप है कि इसके बाद वंश वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा और संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा।
महिला का आरोप है कि वंश ने उसे धमकी दी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो वायरल कर देगा। इसके साथ ही दो लाख रुपये की मांग भी की गई। लगातार ब्लैकमेलिंग और धमकियों के कारण परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ गया। महिला का कहना है कि इस घटना से उसके पति को गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें सर्जरी भी करानी पड़ी।
पीड़िता ने बताया कि वंश ने यह भी कहा था कि उसने अपने दादा वीर सिंह के कहने पर वीडियो बनाया था। महिला का आरोप है कि जब उसने विरोध किया और शिकायत की बात कही तो 20 नवंबर 2025 को वीर सिंह, अनुज साहू, वंश साहू और रवि सोलंकी उसके घर पहुंचे और झगड़ा करने लगे। इस दौरान जातिसूचक टिप्पणी भी की गई। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अश्लील वीडियो वायरल कर दिया और आठ लाख रुपये की मांग करने लगे। महिला का कहना है कि रुपये न देने पर अन्य वीडियो भी वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही संबंध बनाने का दबाव भी बनाया जा रहा था।
थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर न्यायालय के आदेश से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ पहले वीर सिंह की ओर से दुकान का सामान चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जो न्यायालय के आदेश पर लिखी गई थी और उसकी विवेचना भी चल रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।