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बरेली को मिली करोड़ों की सौगात: सिटीज़ 2.0 के तहत शहर में बदलेगी सफाई व्यवस्था, लगेंगे आधुनिक कचरा प्रबंधन प्लांट

Bareilly शहर अब जल्द ही नई और आधुनिक सफाई व्यवस्था के साथ नजर आएगा। भारत सरकार की सिटीज़ 2.0 योजना के तहत बरेली की 88.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है।

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नगर आयुक्त संजीव कुमार बरेली

बरेली। शहर अब जल्द ही नई और आधुनिक सफाई व्यवस्था के साथ नजर आएगा। भारत सरकार की सिटीज़ 2.0 योजना के तहत बरेली की 88.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं के जरिए शहर में कचरा प्रबंधन को पूरी तरह हाईटेक और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।

परियोजना के तहत शहर में अत्याधुनिक प्लांट लगाए जाएंगे, जहां गीले कचरे से बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे कचरे का बेहतर निस्तारण होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 130 नए सीएनजी आधारित कचरा संग्रह वाहन सड़कों पर उतारे जाएंगे। इन वाहनों के जरिए घर-घर से समय पर कचरा उठाया जाएगा, जिससे लोगों को गंदगी और बदबू की समस्या से राहत मिलेगी। पूरी कचरा प्रबंधन व्यवस्था को स्मार्ट बनाने के लिए जीपीएस, आरएफआईडी, जियो-फेंसिंग और सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे यह पता चलता रहेगा कि कौन सा वाहन कहां काम कर रहा है और सफाई व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

शहर से हटेंगे ढलाव घर

परियोजना के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में बने ढलाव घरों को खत्म किया जाएगा। उनकी जगह व्हीकल टू व्हीकल सिस्टम लागू होगा, जिससे सड़कों पर कूड़े के ढेर कम दिखाई देंगे। साथ ही नए कंपैक्टर और हुक लोडर भी लगाए जाएंगे। वर्तमान में चल रहे 50-50 टीपीडी क्षमता वाले दो कूड़ा ट्रांसफर स्टेशनों को अपग्रेड कर 80 टीपीडी क्षमता का बनाया जाएगा। इससे ज्यादा मात्रा में कचरे का तेजी से निस्तारण हो सकेगा।

कचरा बीनने वालों को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण

सिटीज़ 2.0 योजना के तहत अनौपचारिक कचरा बीनने वाले लोगों को भी रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्हें वेस्ट-टू-आर्ट और वेस्ट-टू-प्रोडक्ट जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। शहर में फूलों के कचरे के निस्तारण के लिए 1 टीपीडी क्षमता का पुष्प अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाया जाएगा। यहां मंदिरों, दरगाहों और घरों से निकलने वाले फूलों को प्रोसेस कर उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा 2 टीपीडी क्षमता का नारियल अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र भी स्थापित होगा।

लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी रहेगा जोर

परियोजना के तहत सिर्फ मशीनें और प्लांट ही नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे। बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाए जाएंगे। बरेली स्मार्ट सिटी के सीईओ संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि इन परियोजनाओं से शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और बरेली तेजी से स्वच्छ और स्मार्ट शहर के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। वहीं सिटीज़ 2.0 के टीम लीड मोहम्मद आज़म ने बताया कि अब परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जल्द ही काम धरातल पर दिखाई देने लगेगा।

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