
परिवार से मुलाकात करते फरमान मियां
बरेली।बरेली शरीफ से निकला मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम सोमवार को बिहार के किशनगंज में बड़ी मिसाल बनकर सामने आया। जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां ने मरहूम आलिम-ए-दीन मौलाना तौसीफ रज़ा मज़हरी के परिवार से मुलाकात कर पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद सौंपी। यह राशि मौलाना की पत्नी और पिता को ढाई-ढाई लाख रुपये के रूप में दी गई।
फरमान मियां के किशनगंज दौरे को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचते ही सैकड़ों उलेमाओं और अकीदतमंदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद काफिले के गांव पहुंचने पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे इलाके में एकता, मोहब्बत और अहले सुन्नत की यकजहती का माहौल दिखाई दिया।
काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा खान के विशेष निर्देश पर फरमान मियां सीधे मरहूम मौलाना तौसीफ रज़ा मज़हरी के घर पहुंचे। यहां उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात कर दुख साझा किया और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने मौलाना के पिता को भरोसा दिलाया कि मरकज़ और संगठन भविष्य में भी हर संभव सहयोग करता रहेगा। फरमान हसन खान ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि अहले सुन्नत की एकजुटता, मोहब्बत और उलेमा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उलेमा समाज को रूहानी रहनुमाई देते हैं, इसलिए उनके परिवारों का सहारा बनना पूरी कौम की जिम्मेदारी है। फरमान मियां ने कहा कि जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा हमेशा उलेमा और उनके परिवारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी हर हाल में साथ निभाएगी। उन्होंने इस पहल को संगठन की सामाजिक और धार्मिक जिम्मेदारी का हिस्सा बताया।
परिवार से मुलाकात के बाद फरमान हसन खान ने किशनगंज के विभिन्न इलाकों में आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने मौजूद रहकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। मरकज़-ए-अहलेसुन्नत बरेली शरीफ के मुताबिक मौलाना तौसीफ रज़ा मज़हरी की असमय मौत से पूरा समुदाय गमगीन है। ऐसे में फरमान मियां का यह दौरा पीड़ित परिवार के लिए सहारा बनने के साथ-साथ समाज को एकजुटता और हौसले का संदेश भी दे गया। इस दौरान बरेली शरीफ से आए मोइन खान, शाहबुद्दीन रज़वी और जुनैद रज़ा भी मौजूद रहे। वहीं सिकंदर रज़वी, गुलाम मोहिउद्दीन रज़वी, मौलाना शमशीर रज़ा क़ादरी, मौलाना अब्दुल रज्जाक रज़वी, कारी हसन मंजर रज़वी, कारी मुस्ताक रज़वी, मौलाना जहूरुल इस्लाम, कारी आरफिन रज़वी, मोहम्मद जहुर आलम रज़वी, हाफिज नूर आलम, कारी वसी अहमद, हाफिज आजाद, मेराज आलम, डॉ. अहमद रज़ा और अन्य कारकुन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
Published on:
11 May 2026 05:53 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
