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बांग्लादेशी नेता के बयान पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी, बोले- भारत के अंदरूनी मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं

पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी नेता नूरुल हुदा के बयान पर बरेली में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बयान जारी कर बांग्लादेशी नेता को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 8 May 2026, 7:53 PM IST

बरेली। पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी नेता नूरुल हुदा के बयान पर बरेली में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बयान जारी कर बांग्लादेशी नेता को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत के अंदरूनी मामलों में किसी भी विदेशी संगठन या नेता का हस्तक्षेप कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मौलाना ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के नेता नूरुल हुदा द्वारा पश्चिम बंगाल को आजाद घोषित करने जैसी बातें करना बेहद गैर जिम्मेदाराना और भड़काऊ है। उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करता और देश की एकता व अखंडता के साथ खड़ा है।

1971 की याद दिलाकर कही बड़ी बात

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि बांग्लादेश को आजादी दिलाने में भारत की सबसे बड़ी भूमिका रही थी। जब बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था, उस समय वहां की जनता पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से जूझ रही थी। उस दौर में भारत ने मानवीय आधार पर मदद की और बांग्लादेश को अलग राष्ट्र बनाने में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज वही बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी नेता भारत के राज्यों और चुनावों पर बयानबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

पहले अपने हालात देखें

मौलाना ने कहा कि बांग्लादेशी नेताओं को भारत पर टिप्पणी करने से पहले अपने देश के हालात देखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ ज्यादतियां हो रही हैं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में भारत को नसीहत देने का किसी को अधिकार नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि पश्चिम बंगाल या भारत के किसी भी हिस्से के लोगों को भड़काने, उकसाने और उत्तेजित करने की कोशिश देश का मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और यहां के लोग देश विरोधी बयानबाजी का जवाब देना जानते हैं।

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