शहर में उपद्रव के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी और उपद्रव के आरोपी डॉ. नफीस को देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, वहीं नगर निगम ने नवेल्टी स्थित उनकी मार्केट को सील कर दिया, जिसमें कुल 74 दुकानें हैं।
बरेली। शहर में उपद्रव के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी और उपद्रव के आरोपी डॉ. नफीस को देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, वहीं नगर निगम ने नवेल्टी स्थित उनकी मार्केट को सील कर दिया, जिसमें कुल 74 दुकानें हैं। इसी मार्केट की दूसरी मंजिल पर आईएमसी का दफ्तर भी था, जिसे तालाबंद कर दिया गया है।
नगर निगम का आरोप है कि नफीस ने नाले पर कब्जा कर यह मार्केट बनाई थी, जो पूरी तरह अवैध है। शनिवार शाम को ही नगर निगम की टीम ने मार्केट की पैमाइश कर ली थी और सोमवार को कार्रवाई करते हुए एक-एक कर सभी दुकानों को खाली कराकर सील लगा दी। 72 फीट जगह मजार में थी। उसकी आड़ में पूरा अवैध मार्केट नजूल की जमीन पर तैयार कर दिया गया।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के मुताबिक, पहलवान साहब की मजार के पास बनी यह मार्केट पूरी तरह नाले की जमीन पर बनी है। दुकानदारों को समय देते हुए पहले सामान हटवाया गया, फिर पूरी मार्केट को बाहर से सील कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, नफीस ही संगठन की पूरी रणनीति तय करता था और आईएमसी के अधिकतर कार्यक्रमों की रूपरेखा इसी कार्यालय में तैयार होती थी। मौलाना तौकीर रजा कभी-कभार ही इस दफ्तर में आते थे, लेकिन संचालन की पूरी जिम्मेदारी नफीस पर थी।
इससे पहले रविवार रात को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष और तौकीर रजा के बेहद करीबी नदीम खां को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, उपद्रव के दौरान नदीम ने एक पुलिसकर्मी का वायरलेस हैंडसेट छीन लिया था, जिसे बाद में उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया। माना जा रहा है कि इस डिवाइस के जरिए पुलिस की गोपनीय बातें सुनी जा रही थीं, जिससे कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेसवार्ता में बताया कि नदीम बवाल भड़काने वालों में सबसे आगे था और उसने भीड़ को उकसाने में प्रमुख भूमिका निभाई।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई एसपी सिटी मानुष पारीक करेंगे। टीम में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं।
अब तक गिरफ्तार आरोपियों में सादिक खान (आईएमसी जिलाध्यक्ष), मुस्तकीम, जफरुद्दीन, मोहम्मद इमरोज, शमशेर रजा, समीर, जीशान, फैसल, तौहीद खान, उमेद, अरबाज, कलीम, नाजिम रजा, मोहसिन, शाकिब, रफीक, अरशद और सुब्हान सहित कुल 31 नाम हैं।
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि सभी को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया और आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने "आई लव मोहम्मद" पोस्टर विवाद पर बयान देते हुए कहा कि नबी से मोहब्बत दिलों में होनी चाहिए, सड़कों पर नहीं। इस तरह के प्रदर्शन से नबी के नाम का अपमान होता है।"
उन्होंने सभी समुदायों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और यह भी कहा कि किसी भी धर्म के त्योहारों में जुलूस या आंदोलन नहीं होना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले नफीस ने पोस्टर उतरवाने पर किला थाने के एक इंस्पेक्टर को वर्दी उतरवाने और हाथ काटने की धमकी दी थी। इसी के बाद से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी।
रात 12:30 बजे जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई, जो उपद्रव के बाद से एहतियातन बंद कर दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण के बाद यह कदम उठाया गया है।