
Mani Shankar Aiyar Pakistan Statement Maulana Shahabuddin: श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कांग्रेस मंत्री मणिशंकर अय्यर ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति को लेकर विवादित बयान दिया है। अय्यर ने कहा कि दक्षिण एशिया की मजबूत आवाज बनने के लिए भारत को पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करनी होगी और चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब भारत में सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस है, तो मेज पर बैठकर बातचीत करने की हिम्मत क्यों नहीं है? पिछले 12 सालों से उच्च स्तरीय राजनयिक संबंध बंद होने पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेता के इस बयान पर बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समर्थन जताया है। मौलाना रजवी ने कहा कि भारत का हर जिम्मेदार नागरिक पाकिस्तान के साथ बातचीत चाहता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा हैं, और बिना बातचीत के सीमाई व द्विपक्षीय मुद्दों का समाधान संभव नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय सेना का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत में ईंट का जवाब पत्थर से देने की ताकत है। पहलगाम घटना के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर अपनी सैन्य क्षमता साबित की है।
मणिशंकर अय्यर के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं का पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा नहीं है। खंडेलवाल ने कहा कि मणिशंकर अय्यर उसभारत-पाक संबंधों पर मणिशंकर अय्यर के बयान से गर्माई सियासत, मौलाना शहाबुद्दीन ने किया समर्थन
श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने भारत, पाकिस्तान और चीन के संबंधों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और प्रगति के लिए भारत को पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करनी होगी और चीन के साथ अपने सीमा विवादों को सुलझाना होगा। अय्यर ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हमारे पास पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस तो है, लेकिन उनके साथ टेबल पर बैठकर बातचीत करने का साहस क्यों नहीं है? बीते 12 सालों से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनयिक संबंध तक नहीं हैं। आखिर हम उनसे बात करके दोस्ती क्यों नहीं कर सकते?'
उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मणिशंकर अय्यर के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत का हर जिम्मेदार नागरिक चाहता है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत हो। मौलाना ने तर्क दिया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा हैं, और जब तक संवाद नहीं होगा, तब तक मुद्दे हल नहीं हो सकते। हालांकि, उन्होंने भारतीय सेना के पराक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के पास कड़ा जवाब देने की पूरी क्षमता है। पहलगाम की घटना के बाद चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर अपनी ताकत साबित की है।
मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं का पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा नहीं है। खंडेलवाल ने सवाल उठाया कि मणिशंकर अय्यर उस पाकिस्तान से बातचीत की वकालत कर रहे हैं जो लगातार सीमा पर भारत को चुनौती देता है और भारतीय सरजमीं पर आतंकवादियों को भेजकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता है।