दरगाह आला हजरत खानदान के मन्नानी मियां के दामाद को अध्यक्ष और सचिव ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक कमरे में बंधक बना लिया, और कनपटी पर तमंचा रखकर 20 लाख की रंगदारी मांगी। घटना के बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद प्रेमनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
बरेली। दरगाह आला हजरत खानदान के मन्नानी मियां के दामाद को हक की आवाज फाउंडेशन की अध्यक्ष और सचिव ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर एक कमरे में बंधक बना लिया, और कनपटी पर तमंचा रखकर 20 लाख की रंगदारी मांगी। घटना के बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद प्रेमनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
प्रेमनगर के सुर्खा बानखाना निवासी मन्नानी मियां के दामाद मोहसिन रजा खान पुत्र हसन मियां ने बताया कि 14 दिसंबर 2025 की शाम करीब साढ़े सात बजे उसे आपसी मनमुटाव सुलझाने के नाम पर पंचायत में बुलाया गया। वह अपने साथी दानिश के साथ नासिर की भाभी गुड़िया के घर पहुंचा। जैसे ही वह बैठक में दाखिल हुआ, वहां मौजूद लोगों ने दरवाजे बंद कर लिए और पंचायत की आड़ में साजिश शुरू हो गई।
आरोप है कि आरोपियों ने मोहसिन को एक पुराने मुकदमे की एफआईआर की प्रति दिखाते हुए कहा कि अगर जेल जाने से बचना है तो 20 लाख रुपये देने होंगे। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने साफ शब्दों में कहा कि यह रंगदारी है और पैसे नहीं दिए तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। रंगदारी से इनकार करने पर माहौल और गर्म हो गया। आरोप है कि सभी ने मिलकर मोहसिन और उसके साथी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान फिरोज नामक आरोपी ने तमंचा निकालकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गनीमत रही कि गोली नहीं लगी और दोनों की जान बच गई।
पीड़ित का आरोप है कि नासिर ने उसके हाथ से डिजिटल घड़ी और जरूरी कागजात से भरा बैग छीन लिया। साथ ही मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाकर धमकी दी गई कि अगर कहीं शिकायत की तो वीडियो वायरल कर बदनाम कर दिया जाएगा। जान बचाने के लिए दोनों किसी तरह कुंडी खोलकर वहां से भाग निकले। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस समेत अन्य उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की बेरुखी से परेशान होकर आखिरकार पीड़ित को अदालत की शरण लेनी पड़ी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की। रिपोर्ट में हक़ की आवाज फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष रुमाना सकलैनी, प्रदेश सचिव यासमीन अजहरी, हक़ की आवाज फाउंडेशन संरक्षक नासिर, लाइवा, शाकिर, फिरोज और शाहरोज समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। पीड़ित ने नासिर को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए संगठित गिरोह चलाने का भी आरोप लगाया है।