ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करते हुए इसे गरीब और कमजोर मुसलमानों के हित में बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून से किसी भी धार्मिक स्थल को कोई खतरा नहीं होगा।
संसद में वक्फ संशोधन बिल पारित होने के बाद मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सरकार के प्रति आभार जताया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बिल आम मुसलमानों के खिलाफ नहीं बल्कि उनके हित में है। इससे केवल उन भू-माफियाओं को नुकसान होगा जिन्होंने वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बताया कि वक्फ की संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग गरीब मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में किया जाएगा। विशेष रूप से उन परिवारों की मदद की जाएगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के उत्थान के लिए भी इस आमदनी को उपयोग में लाया जाएगा। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, मदरसे और अनाथालय स्थापित किए जाएंगे, जिससे गरीब मुस्लिम समाज की शिक्षा में सुधार होगा।
मौलाना ने स्पष्ट किया कि इस कानून से मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों और दरगाहों की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार इन धार्मिक स्थलों में कोई दखलअंदाजी नहीं करेगी। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे राजनीतिक स्वार्थ साधने वालों के बहकावे में न आएं।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का उदाहरण देते हुए कहा कि जब यह कानून आया था, तब भी राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को डराया था कि इससे उनकी नागरिकता खतरे में पड़ जाएगी। लेकिन, अब यह साफ हो गया है कि किसी भी मुसलमान की नागरिकता छीनी नहीं गई, बल्कि जरूरतमंदों को नागरिकता दी गई।
मौलाना रजवी ने कहा कि मुसलमानों को भ्रम और डर में डालने वाले लोगों से सावधान रहना चाहिए और कानून के सही तथ्यों को समझकर अपनी राय बनानी चाहिए।