बरेली

मेथोडिस्ट अफसरों ने माफियाओं को बेच दिया गर्ल्स इंटर कॉलेज के खेल का मैदान, हरीश समेत चार पर एफआईआर

मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के करोड़ों रुपये के खेल के मैदान को लेकर एक बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि छात्राओं के खेलकूद के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन को कागजों में हेरफेर कर अनयूज्ड दिखाया गया और फिर उसे लीज पर दे दिया गया।

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Apr 09, 2026
डॉ. न्यूटन एम. परमार, हरीश अरोरा और सुनील मसीह

बरेली। मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के करोड़ों रुपये के खेल के मैदान को लेकर एक बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि छात्राओं के खेलकूद के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन को कागजों में हेरफेर कर अनयूज्ड दिखाया गया और फिर उसे लीज पर दे दिया गया। मामला खुलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सिविल लाइंस में इमेज इलेक्ट्रानिक के मालिक हरीश अरोड़ा समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

किला छावनी निवासी अमर सिंह राठौर ने कमिश्नर को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के विशाल खेल मैदान की जमीन को धीरे-धीरे खुर्द-बुर्द कर दिया गया। तत्कालीन मंडलायुक्त आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रीती जायसवाल, एसपी सिटी मानुष पारीक और एडीएम सिटी सौरभ दुबे की त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराई। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षा विभाग को समय-समय पर भेजे गए दस्तावेजों में कॉलेज के खेल मैदान का क्षेत्रफल करीब 20 हजार वर्गमीटर बताया गया था। कहीं तीन खेल मैदान, कहीं दो वॉलीबॉल कोर्ट और एक बास्केटबॉल कोर्ट का जिक्र किया गया। इससे साफ है कि कॉलेज के पास पहले बड़ा खेल मैदान मौजूद था और छात्राएं वर्षों से इसका इस्तेमाल करती रही हैं।

2009 के समझौते में भी कॉलेज की जमीन बताई गई

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2009 की मिशन हास्पिटल को लीज डीड और उससे जुड़े नक्शे में एमसीआई के अफसरों ने विवादित जमीन को कॉलेज परिसर का हिस्सा माना था। चौकी चौराहे से अयूब खां चौराहे की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग से मिशन अस्पताल की तरफ जाने वाली सड़क के पास सैकड़ों मीटर जमीन है। मौके पर जांच के दौरान कॉलेज परिसर के भीतर एक पुरानी सड़क भी मिली, जो मिशन अस्पताल की सड़क से मिलती है। अब उसी सड़क को भी विवादित जमीन की चौहद्दी में शामिल कर लिया गया है, जिससे अवैध कब्जे की आशंका और गहरी हो गई है। वहीं नायब तहसीलदार की रिपोर्ट ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिस जमीन को घेरकर अपना बताया गया है, उसका क्षेत्रफल रजिस्टर्ड लीज डीड से करीब 2200 वर्गमीटर अधिक निकला। इससे यह शक और मजबूत हो गया कि तय सीमा से ज्यादा जमीन पर कब्जा कर लिया गया।

अनयूज्ड बताकर जमीन कर दी लीज

जांच में यह भी सामने आया कि 4 मार्च 2022 को संस्था के अधिकृत सचिव डॉ. न्यूटन एम. परमार ने कॉलेज के खेल मैदान के 610 वर्गमीटर हिस्से को अनयूज्ड लैण्ड बताकर क्षितिज इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को लीज पर दे दिया। जबकि यह जमीन वर्षों से छात्राओं के खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होती रही है। यही नहीं, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग से अनुमति लेने का भी कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन को लीज पर देने के लिए फर्जी नक्शे तैयार किए गए और दस्तावेजों में कूटरचना की गई। एक्जीक्यूटिव बोर्ड नॉर्थ इंडिया रीजनल कॉन्फ्रेंस के अधिशासी सचिव सुनील मसीह पर पहले भी कई संपत्तियों की कथित अवैध बिक्री के मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। उनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

डीआईओएस की तहरीर के बाद कानूनी कार्रवाई की तैयारी

त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक के पत्र के आधार पर डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर डॉ. न्यूटन एम. परमार, सुनील मसीह, क्षितिज इंटरप्राइजेज के साझेदार हरीश अरोरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जांच रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि अगर इस जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स या व्यावसायिक निर्माण हुआ तो इसका सीधा असर कॉलेज के माहौल और छात्राओं की सुरक्षा पर पड़ेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

एडवोकेट और कारोबारी हैं सिंडिकेट के सरगना

मिशन की करोड़ों रुपये की जमीन की हेराफेरी कर उसके फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए शहर में एक गिरोह सक्रिय है। एक एडवोकेट के जरिये मैथोडिस्ट चर्च से जुड़ी जमीनों के कागजात तैयार कराये जाते हैं। इसके बाद बरेली के कुछ भू माफिया कारोबारी मिलकर एमसीआई के अफसरों से साठगांठ करते हैं। इसके बाद मुंबई में बिशप के जरिये एनओसी और अन्य कागजात तैयार होते हैं। भू माफियाओं ने बरेली में हिंद टाकीज के पास भी एक बड़े जमीन के टुकड़े पर कब्जा कर रखा है। इसके अलावा बटलर प्लाजा और उसके आस पास पेट्रोलपंप और मेथोडिस्ट गर्ल्स कालेज के खेल के मैदान को हड़पने के लिये भी नजरें लगा रखी हैं।

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