
बरेली। जिला पूर्ति कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी अविनाश सिंह अचानक छापा मारने पहुंच गए। डीएम के औचक निरीक्षण की भनक लगते ही दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी फाइलों में उलझे नजर आए तो कुछ अपनी सीटों की ओर भागते दिखे। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे कार्यालय का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह बदल गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति का हाल जाना। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर मंगवाकर बारीकी से जांच की और देखा कि कितने कर्मचारी समय पर पहुंचे हैं और कितने नदारद हैं। सूत्रों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कई सीटें खाली मिलीं, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी दफ्तरों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने केवल उपस्थिति ही नहीं देखी, बल्कि दफ्तर में चल रहे कामकाज की भी पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों से फाइलों की स्थिति, लंबित मामलों और जनता से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के बारे में जानकारी ली। कुछ मामलों में काम की गति धीमी मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार भी लगाई और लंबित कार्यों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई भी डीएम की नजर से बच नहीं सकी। कई जगह गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालय में आने वाले आम लोगों को बेहतर माहौल मिलना चाहिए, लेकिन यहां व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिख रही है। इसके बाद उन्होंने तत्काल साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के लिए हैं और यहां काम में ढिलाई किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आगे भी लापरवाही या अनियमितता मिली तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम के इस अचानक छापे के बाद पूरे पूर्ति विभाग में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
Updated on:
09 Apr 2026 01:25 pm
Published on:
09 Apr 2026 01:25 pm
