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प्रधान के घर पलायन का सियासी पोस्टर, चुनावी रंजिश को लेकर गांव में दहशत तनाव, आखिर क्यों छोड़ रहे गांव 

बरेली के शाही क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुझजिया जागीर में जमीन विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि गांव की प्रधान को ही अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।

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बरेली। बरेली के शाही क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुझजिया जागीर में जमीन विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि गांव की प्रधान को ही अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रधान नूर बेगम ने विरोध में अपने घर के बाहर ‘पलायन’ का पोस्टर चिपका दिया। दो दिन से गांव में तनाव का माहौल है और दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।

ग्राम प्रधान नूर बेगम ने अपने घर के बाहर बड़ा सा ‘पलायन’ का पोस्टर लगाकर प्रशासन और पुलिस को सीधी चुनौती दी है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और विवाद के चलते अब परिवार की सुरक्षा खतरे में है, इसलिए उन्हें मजबूरन घर छोड़ना पड़ा।

जमीन पर कब्जे का आरोप, विरोध बना वजह

प्रधान नूर बेगम और उनके पति का आरोप है कि गांव के छत्रपाल, सुमेरी लाल और रामाधर आबादी की जमीन पर निर्माण कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। मामला यहीं नहीं थमा और हालात इतने बिगड़े कि प्रधान को गांव छोड़ना पड़ा। विवाद में दूसरा पक्ष भी पीछे नहीं है। सुमेरी लाल का कहना है कि यह पूरा मामला जमीन का नहीं बल्कि चुनावी रंजिश का है। उनका आरोप है कि प्रधान जानबूझकर उनके परिवार को निशाना बना रही हैं, जबकि गांव में कई जगह पहले से निर्माण हो चुका है।

ग्रामीणों में बंटी राय, बढ़ता जा रहा तनाव

गांव में इस विवाद को लेकर माहौल बंटा हुआ है। कुछ ग्रामीण प्रधान के समर्थन में हैं तो कुछ दूसरे पक्ष के साथ खड़े हैं। लगातार दो दिनों से गांव में तनाव बना हुआ है और टकराव की स्थिति बनी हुई है। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने बताया कि अगर तालाब या नाले की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है तो प्रधान का विरोध जायज है, लेकिन यदि जमीन आबादी की है तो निर्माण को लेकर विवाद सही नहीं ठहराया जा सकता। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

आमने-सामने आए दोनों पक्ष, पुलिस ने संभाला मोर्चा

बुधवार को हालात तब बिगड़ गए जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में लिया और शांति भंग की कार्रवाई की। फिलहाल गांव में पुलिस की नजर बनी हुई है। इंस्पेक्टर शाही ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत किया गया है।