नौवीं कक्षा की छात्रा थी किशोरी। परिजनों को उसके प्रेम संबंधों के बारे में पता चल गया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को गांव से बाहर जंगल में जला दिया
बरेली। भले ही प्रधानमंत्री बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देते हों लेकिन आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। तमाम घरों में अपने ही लोग बेटियों के दुश्मन बने हुए हैं। ताजा मामला बरेली के शाही में सामने आया है, जहां झूठी शान के लिए परिजनों ने कक्षा नौ की छात्रा की हत्या कर शव का चुपचाप अंतिम संस्कार भी कर दिया और राख नदी में बहा दी। घटना बीती नौ अप्रैल की रात की है। गांव में जब बेटी के गायब होने की चर्चा हुई तो पुलिस को मामले की खबर हुई जिसके बाद पुलिस गांव पहुंची और छानबीन शुरू की। शुरू में तो परिजनों ने लड़की के जहर खाने की बात बताई लेकिन बाद में परिजन पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इस बारे में एसपी ग्रामीण डॉ. सतीश कुमार का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
अवशेष नदी में बहाए
शाही थाना क्षेत्र के मांडवा बंशीपुर गांव के रहने वाले एक किसान की बेटी गांव के ही नारायणी देवी स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि छात्रा का प्रेम संबंध मोबाइल टावर पर काम करने वाले एक लड़के से थे। छात्रा नौ अप्रैल को स्कूल में होने वाले वार्षिक उत्सव में गई थी। पार्टी खत्म होने के बाद छात्रा पास में ही लगे टावर पर प्रेमी गार्ड से मिलने गई थी, जिसकी जानकारी परिजनों को लग गई। घर पहुंचने पर छात्रा के पिता और भाई ने उसके साथ मारपीट की और रात में उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को गांव के बाहर जंगल में ले जाकर पुआल के ढेर में रखकर आग लगा दी और अवशेष को नदी में बहा दिया।
फरार हो गए परिजन
घटना की जानकारी देर रात पुलिस को होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर सुबह छात्रा के घर पहुंचकर पिता और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। जिस पर परिजनों ने छात्रा के जहर खाकर मरने की बात बताई, लेकिन कुछ ही देर बार छात्रा के परिजन पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
ये सवाल मांग रहे जवाब
इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं जो छात्रा के परिजनों को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। जब छात्रा खुश होकर स्कूल से घर आई तो उसने जहर क्यों खाया। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। ग्रामीणों को भी छात्रा की मौत के बारे में नहीं बताया। छात्रा का अंतिम संस्कार श्मसान घाट पर क्यों नहीं किया। गांव वालों से छिपा कर अंतिम संस्कार क्यों किया।