डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी की सख्त मॉनिटरिंग और एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में इस्लामनगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शादी समारोह से अपहृत एक वर्षीय मासूम को पुलिस ने महज दो दिन में सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है।
बदायूं। डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी की सख्त मॉनिटरिंग और एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में इस्लामनगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शादी समारोह से अपहृत एक वर्षीय मासूम को पुलिस ने महज दो दिन में सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है।
घटना के खुलासे के लिए एसएसपी के आदेश पर चार टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच शुरू की। संदिग्ध कार के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें धर दबोचा।
घटना 16 अप्रैल 2026 की रात करीब 12:30 बजे की है। इस्लामनगर स्थित मोनार्क फार्म हाउस में विवाह समारोह चल रहा था। इसी दौरान भूखन प्रजापति का एक वर्षीय पुत्र सौरभ कमरे में सो रहा था, जिसे एक महिला चुपचाप उठाकर ले गई। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि मुनेश नामक युवक अपनी रिश्तेदार खुशबू के साथ समारोह में आया था। खुशबू ने ही बच्चे का अपहरण किया और उसे आगरा ले जाया गया। वहां खुशबू और उसके मौसा दिनेश ने संतानहीन दंपति को 70 हजार रुपये में बच्चा बेचने की साजिश रची थी। इसके लिए 20 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया गया था।
पुलिस ने मुनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद टीम आगरा पहुंची। वहां सोनू के घर से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। मौके से सोनू की पत्नी बबली और उसकी रिश्तेदार पूजा भी मिलीं। पुलिस ने खुशबू, मुनेश, दिनेश, बबली और पूजा को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया गया है। मामले में बीएनएस की धारा 142/143(4)/3(5) जोड़ी गई हैं। मुख्य आरोपी मुनेश का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। मासूम के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता की सराहना करते हुए आगे भी ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।