फतेहगंज पश्चिमी के जंगल में बुधवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। 25 हजार रुपये का इनामी और गौकशी के कई मामलों में वांछित अपराधी कामिल उर्फ नकटा पुलिस से भिड़ गया।
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के जंगल में बुधवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। 25 हजार रुपये का इनामी और गौकशी के कई मामलों में वांछित अपराधी कामिल उर्फ नकटा पुलिस से भिड़ गया। उसने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ में उसे पैरों में गोली मारकर दबोच लिया। कार्रवाई में एक दरोगा भी घायल हो गया।
थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश कामिल उर्फ नक्ता बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के पास जंगल में गौकशी की फिराक में छिपा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तभी करीब 5:35 बजे बदमाश ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां चलते ही पूरा इलाका ‘वार जोन’ में बदल गया।
अचानक हुई फायरिंग में उ0नि0 पंकज कुमार के बाजू को छूते हुए गोली निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। सटीक निशाने में बदमाश कामिल के दोनों पैरों में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
घायल अवस्था में दबोचे गए कामिल उर्फ नक्ता के पास से पुलिस ने .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और गौकशी से जुड़े उपकरण बरामद किए। इससे साफ हो गया कि वह किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था।
कामिल उर्फ नक्ता पीलीभीत के बीसलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ गौकशी, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 15 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
मुठभेड़ में घायल अभियुक्त और दरोगा दोनों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि गौकशी और संगठित अपराध में लिप्त बदमाशों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।