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शाहजहांपुर में बलिदानियों का अपमान, बुलडोजर से टूटीं प्रतिमाएं, CM का सख्त एक्शन, फर्म ब्लैकलिस्ट, इंजीनियर सस्पेंड

काकोरी कांड के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से तोड़ने की घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। मामला इतना गंभीर हुआ कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा।

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शाहजहांपुर। काकोरी कांड के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से तोड़ने की घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी। मामला इतना गंभीर हुआ कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। देर रात डीएम से फोन पर जवाब-तलब करते हुए उन्होंने फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और नगर निगम के जिम्मेदार इंजीनियरों को निलंबित करने के सख्त आदेश दे दिए।

शहर के टालनहाल क्षेत्र में सुंदरीकरण कार्य के दौरान कार्यदायी संस्था फ्लाई इंफ्राटेक के कर्मचारियों ने पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और प्रेम किशन खन्ना की प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक हटाने की बजाय बुलडोजर से गिरा दिया। इस बर्बर कार्रवाई में प्रतिमाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

CM का फोन, सिस्टम में हड़कंप—24 घंटे में बहाली का अल्टीमेटम

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह से पूरी रिपोर्ट ली। साफ निर्देश दिया गया कि संबंधित फर्म को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोषी इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही 24 घंटे के भीतर प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान पर दोबारा स्थापित करने का अल्टीमेटम भी दिया गया।

AE- JE सस्पेंड, फर्म पर FIR—लापरवाही पर गिरी गाज

सीएम के निर्देश पर नगर निगम के सहायक अभियंता विक्रमाजीत और अवर अभियंता प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यदायी संस्था फ्लाई इंफ्राटेक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार शुक्ला की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

ताकतवर मंत्रियों के जिले में शर्मनाक लापरवाही, सवालों के घेरे में सिस्टम

सबसे बड़ा सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभावशाली मंत्री सुरेश खन्ना, केंद्र सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद और प्रदेश के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के प्रभाव क्षेत्र में ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो गई? सत्ता के शीर्ष चेहरे जुड़े होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की यह ढिलाई सीधे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

सियासत गरमाई, विपक्ष ने साधा निशाना

घटना के बाद राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे ‘बलिदानियों का अपमान’ बताया है। शहर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए।

CM का सख्त संदेश—‘शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं’

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बलिदानियों के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि या तो क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं की मरम्मत कराई जाए या नई प्रतिमाएं लगाकर उन्हें सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यों में लापरवाही और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।