नगर निगम के वार्ड 29 रहपुरा चौधरी में नाली निर्माण के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। निरीक्षण के दौरान न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे, बल्कि सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी भी उजागर हो गई। मामले में निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर दो लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है, जबकि संबंधित अभियंताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
बरेली। नगर निगम के वार्ड 29 रहपुरा चौधरी में नाली निर्माण के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। निरीक्षण के दौरान न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे, बल्कि सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी भी उजागर हो गई। मामले में निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर दो लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है, जबकि संबंधित अभियंताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
साईं धर्मकांटा से लेकर जगदीप चिकारा के मकान तक चल रहे नाली निर्माण कार्य का जब मौके पर निरीक्षण किया गया, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। करीब 97.93 लाख रुपये की लागत से 15वें वित्त आयोग के तहत हो रहे इस कार्य का ठेका 19 अप्रैल को मेसर्स स्पंदना अग्रवाल को दिया गया था, लेकिन शुरुआत से ही मानकों की अनदेखी सामने आ गई। निर्माण स्थल पर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। खुदाई के बाद खुले गड्ढे छोड़ दिए गए थे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने भी इस लापरवाही पर नाराजगी जताई।
जांच में सामने आया कि बीओक्यू के अनुसार जहां पीसीसी का काम होना था, वहां बिना शटरिंग सीधे आरसीसी डाला जा रहा था। करीब 70 मीटर हिस्से में सरियों का जाल बिछाकर उस पर मिट्टी मिश्रित प्लास्टर के साथ काम किया जा रहा था, जो पूरी तरह मानक विहीन और गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई की। मौके पर चल रहे घटिया निर्माण को जेसीबी से हटवाया गया। ठेकेदार फर्म मेसर्स स्पंदना अग्रवाल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले सहायक और अवर अभियंता पर भी कार्रवाई की गई है। अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जबकि सहायक अभियंता को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि निर्माण कार्य में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया है और संबंधित अभियंताओं की भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।