बरेली में एमआरएफ सेंटरों के संचालन में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निरीक्षण के दौरान शहर के पांच सेंटर बंद पाए गए। नगर निगम ने इसे अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए मैसर्स रिषू इंटरप्राइजेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और जवाब न मिलने पर ब्लैकलिस्ट व मुकदमे की चेतावनी दी है।
बरेली। शहर में कचरा निस्तारण व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटरों के संचालन में लापरवाही सामने आने पर नगर निगम ने मैसर्स रिषू इंटरप्राइजेज के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान हजियापुर, मिनी बाईपास, पीलीभीत रोड, सिठौरा पानी टंकी और नगर निगम कार्यालय के सामने स्थित पांच एमआरएफ सेंटर बंद पाए गए। इस पर निगम ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी अधिकारी राजीव कुमार राठी ने बताया कि एमआरएफ सेंटरों का संचालन तय मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन और गार्बेज रेटिंग पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
निगम अधिकारियों के अनुसार फर्म ने अपनी लापरवाही के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसियों और अवैध कबाड़ियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, जबकि नगर निगम पहले ही सभी सेंटरों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दे चुका है। निगम का कहना है कि यह सीधा-सीधा अनुबंध का उल्लंघन है।
नगर निगम ने फर्म को चेताया है कि वह तुरंत सभी एमआरएफ सेंटरों का संचालन शुरू करे और मानकों का पालन सुनिश्चित करे। साथ ही साफ कर दिया गया है कि यदि पांच दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। निगम ने दो टूक कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमआरएफ सेंटरों का सही संचालन न होने से कचरा प्रबंधन पर सीधा असर पड़ता है, जिसे लेकर निगम अब सख्ती बरतने के मूड में है।