बरेली

सीएम ग्रिड में लापरवाही: शर्मा कंस्ट्रेक्शन पर 10 लाख का जुर्माना, अब होगी ब्लैकलिस्ट

सीएम ग्रिड योजना में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी पर आखिरकार नगर निगम का डंडा चल गया। गाजियाबाद की शर्मा कंस्ट्रेक्शन एजेंसी पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।

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Mar 10, 2026

बरेली। सीएम ग्रिड योजना में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी पर आखिरकार नगर निगम का डंडा चल गया। गाजियाबाद की शर्मा कंस्ट्रेक्शन एजेंसी पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। साथ ही निगम प्रशासन ने एजेंसी को तीन दिन के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
चार नोटिस के बाद भी नहीं जागी एजेंसी
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक सीएम ग्रिड योजना के तहत कई सड़कों और इलाकों में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एजेंसी को दी गई थी। लेकिन लंबे समय से काम में देरी, गुणवत्ता में कमी और अधूरे कार्य की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि निगम की ओर से एजेंसी को अब तक चार बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन हर बार एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। लगातार अनदेखी और काम में मनमानी के बाद निगम ने सख्त कदम उठाते हुए आर्थिक दंड लगाया है।

बिना सुरक्षा खुदाई, हादसे का खतरा

13 फरवरी को यूरिडा और नगर निगम के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई वह बेहद चिंताजनक थी।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठेकेदार की ओर से बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बेतरतीब खुदाई कराई जा रही थी। मौके पर न बैरिकेडिंग मिली, न ग्रीन नेटिंग और न ही चेतावनी देने वाले साइनेज बोर्ड लगाए गए थे।
सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि सड़क पर चलने वाले वाहनों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई फ्लैगमैन तक तैनात नहीं था, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ था।

टेंडर शर्तों का खुला उल्लंघन

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मौके पर प्रोजेक्ट मैनेजर के अलावा कोई भी तकनीकी रूप से सक्षम अभियंता मौजूद नहीं था। जबकि टेंडर की शर्तों के अनुसार परियोजना स्थल पर प्रशिक्षित इंजीनियर और सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य थे। अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति टेंडर शर्तों का सीधा उल्लंघन है और इससे परियोजना की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तीन दिन का अल्टीमेटम, ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम ने एजेंसी को अंतिम नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
अगर तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ सीएम ग्रिड योजना का काम किसी दूसरी एजेंसी को सौंप दिया जाएगा।

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