सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे ने साफ निर्देश दिया कि अब सड़कों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। खासतौर पर स्कूलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य किए जाएंगे।
बरेली। सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे ने साफ निर्देश दिया कि अब सड़कों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। खासतौर पर स्कूलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य किए जाएंगे।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि सभी स्कूलों के आसपास स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे और CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए स्कूल प्रबंधन से समन्वय कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
ADM सौरभ दुबे ने स्पष्ट कहा कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र या निर्धारित मानकों के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर नहीं चलेगा। ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
ढाबों और टोल प्लाजा पर भी ‘सुरक्षा अलर्ट’—हर जगह दिखेगा संदेश
बैठक में निर्देश दिए गए कि पेट्रोल पंप, ढाबों और टोल प्लाजा के आसपास सड़क सुरक्षा से जुड़े संकेतक, होर्डिंग और बैनर लगाए जाएं। मकसद साफ है—हर व्यक्ति तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचे और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि रात के समय उनकी दृश्यता बढ़े और हादसों की संभावना कम हो। प्रशासन इसे बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है।
बैठक में यह भी कहा गया कि सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि घरों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए। सामूहिक प्रयासों से ही दुर्घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दे दिया है कि अब ‘एक्शन’ ही प्राथमिकता