बरेली

निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर नोटिस चस्पा, कुर्सी राम जनम यादव ने संभाली

सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के मामले में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। एक ओर उनके सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किया गया, तो दूसरी ओर उनकी कुर्सी संभालते हुए अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया।

2 min read
Jan 28, 2026

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के मामले में बुधवार को प्रशासन ने एक साथ दो अहम कदम उठाए। एक ओर सुबह उनके सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किया गया, तो दूसरी ओर उनकी कुर्सी संभालने के लिए अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया गया।

इस्तीफा और निलंबन के तीसरे दिन भी अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में ही मौजूद हैं, जबकि उनके समर्थक पूरी रात दामोदर पार्क और आवास के आसपास डटे रहे। समर्थकों को आशंका थी कि अलंकार अग्निहोत्री को किसी गोपनीय स्थान पर ले जाया जा सकता है, हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट आवास के गेट पर एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी पहुंचे।

दिन में इस्तीफा, रात में निलंबन

सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण के बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। इसके बाद उन्होंने यूजीसी कानून और शंकराचार्य के अपमान को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए। देर शाम वह जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पहुंचे। बाहर निकलने के बाद उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया, जिसे जिलाधिकारी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उसी रात अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया और उन्हें शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया गया। पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है।

सड़क से कलक्ट्रेट तक पांच घंटे का हंगामा

निलंबन के बाद मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री का तेवर और तीखा नजर आया। सुबह उन्हें समर्थकों के साथ उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। जब वह बाहर निकलने का प्रयास करने लगे तो पहले गेट पर ताला मिला। बाद में मुख्य गेट पर पहुंचे, जहां पुलिस बल तैनात था। पुलिस द्वारा गेट खोले जाने के बाद वह समर्थकों के साथ सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिए गए। इस पर वह जमीन पर धरने पर बैठ गए। सड़क से लेकर कलक्ट्रेट तक लगभग पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। शाम को वह अपने सरकारी आवास लौटे, जहां उन्हें फिर से हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त चार्ज

इधर, पूरे घटनाक्रम के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट, बरेली का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शासकीय कार्यहित में आदेश जारी करते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राम जनम यादव को इस अतिरिक्त प्रभार के लिए कोई अलग भत्ता देय नहीं होगा। वह अपने वर्तमान पद के साथ-साथ नगर मजिस्ट्रेट के दायित्व भी निभाएंगे। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।

प्रशासनिक शून्य न रहे, इसलिए फैसला

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चर्चित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से जुड़े विवाद के बाद नगर प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। नगर मजिस्ट्रेट जैसे अहम पद पर किसी तरह का प्रशासनिक शून्य न रहे, इसी उद्देश्य से राम जनम यादव को कमान सौंपी गई है। कानून-व्यवस्था, राजस्व और नगर प्रशासन से जुड़े मामलों में अब वह प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। यह निर्णय जनपद प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Also Read
View All

अगली खबर