
बरेली। डेलापीर और महेशपुर ठाकुरान में तालाब की जमीन पर बने अवैध मकानों पर नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम ने इन कब्जेदारों को पहले 10 अक्तूबर को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर कब्जा खाली करने के आदेश दिए थे, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी किसी ने मकान खाली नहीं किया। केवल सुनील नाम के एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपना मकान स्वयं तोड़कर कब्जा छोड़ा है, जबकि बाकी 39 लोगों ने अब तक कब्जा नहीं हटाया है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सभी अवैध कब्जेदारों को अब सात दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि इस अवधि में भी कब्जा नहीं छोड़ा गया तो जिला प्रशासन से मजिस्ट्रेट नामित कराकर पुलिस बल की मौजूदगी में सभी को बेदखल कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
आयुक्त ने बताया कि नोटिस में दी गई 15 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है, न ही किसी ने अपना जवाब दाखिल किया और न ही कोई प्रतिवेदन दिया है। अब नगर निगम अगली कार्यवाही की तैयारी में जुट गया है।
उधर, कार्रवाई से बचने के लिए कुछ अवैध कब्जेदार लखनऊ तक दौड़ लगा चुके हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते थे। कब्जेदारों का कहना है कि वे बरसों से इस जमीन पर रह रहे हैं और बेहद गरीब हैं, इसलिए उन्हें बेदखल ना किया जाए। हालांकि, इनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन उन्होंने शासन को प्रार्थना पत्र सौंपा है और उम्मीद जताई है कि सरकार से कुछ राहत मिल सकती है।