बरेली

महाशिवरात्रि पर ‘हर-हर महादेव’ से गूंजी नाथ नगरी, आधी रात से ही शुरू हुआ जलाभिषेक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

महाशिवरात्रि पर नाथ नगरी शिवमय हो गई। शनिवार को आधी रात के बाद से ही अलखनाथ मंदिर में जयघोष गूंजने लगा। रात 12 बजे से भक्तों ने गंगाधर को गंगाजल अर्पित करना शुरू किया।

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Feb 15, 2026

बरेली। महाशिवरात्रि पर नाथ नगरी शिवमय हो गई। शनिवार को आधी रात के बाद से ही अलखनाथ मंदिर में जयघोष गूंजने लगा। रात 12 बजे से भक्तों ने गंगाधर को गंगाजल अर्पित करना शुरू किया। तड़के चार बजे बाबा अलखनाथ की भव्य आरती उतारी गई, जिसके बाद दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार और लंबी हो गई। शहर के अन्य नाथ मंदिरों में भी सुबह होते-होते जलाभिषेक का क्रम तेज हो गया।

रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजा त्रिवटीनाथ

मंदिर सेवा समिति के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि त्रिवटीनाथ मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश के तीन द्वार बनाए गए हैं। व्यवस्था संभालने के लिए स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें विशेष लाल टी-शर्ट प्रदान की गई है। इसी प्रकार धोपेश्वरनाथ मंदिर और वनखंडीनाथ मंदिर समेत अन्य शिवालयों में भी तड़के आरती के बाद कपाट खोल दिए गए।

तीन दिन रहेगा विशेष पुष्प श्रृंगार

शहर के प्रमुख चौराहों—सराफा बाजार से लेकर किला-कुतुबखाना मार्ग तक—गेंदे और गुलाब की मालाओं से सजावट की गई है। 14 से 16 फरवरी तक विशेष पुष्प श्रृंगार रहेगा। सड़कों को थीम के आधार पर सजाया गया है। कहीं शिवलिंग और डमरू की फ्लावर आर्ट तो कहीं त्रिशूल, चंद्रमा और सर्प की आकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

महाशिवरात्रि के मद्देनजर शहर के सभी शिवालयों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पीएसी के साथ पुलिस बल और महिलाकर्मियों की तैनाती की गई है। एसपी सिटी मानुष पारीक और एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने प्रमुख मंदिरों का निरीक्षण कर फोर्स को आवश्यक निर्देश दिए। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और प्रकाश कर पूरी व्यवस्था की गई है। एक कंपनी पीएसी प्लाटून के साथ 50 अतिरिक्त पुलिसकर्मी शहर में लगाए गए हैं। महिला पुलिसकर्मी भी सभी मंदिर परिसरों में निगरानी कर रही हैं।

सात नाथ मंदिरों की होगी परिक्रमा

नाथ नगरी जलाभिषेक समिति की ओर से महाशिवरात्रि पर सात नाथ मंदिरों की परिक्रमा की जाएगी। यह यात्रा रविवार दोपहर 12 बजे से सेठ गिरधारी लाल मंदिर से शुरू होगी। श्रद्धालु गंगाजल और नंदी ध्वज लेकर शंखनाद करते हुए अपने-अपने वाहनों से बाबा वनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, अलखनाथ और त्रिवटीनाथ मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।

महाशिवरात्रि पूजन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:21 से 6:15 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:57 बजे तक और चार प्रहर पूजा समय- प्रथम प्रहर शाम 06:39 से रात 09:45 बजे तक, द्वितीय प्रहर रात 09:45 से 12:52 बजे तक, तृतीय प्रहर रात 12:52 से तड़के 03:59 बजे तक और चतुर्थ प्रहर तड़के 03:59 से सुबह 07:06 बजे तक रहेगा। महाशिवरात्रि पर नाथ नगरी का माहौल पूरी तरह भक्तिमय है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।

Updated on:
15 Feb 2026 12:14 pm
Published on:
15 Feb 2026 12:13 pm
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