शहर में लापरवाही की कीमत एक युवक की जिंदगी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सेटेलाइट बस अड्डे के पास मंगलवार रात करीब 9:30 बजे एक युवक खुले नाले में गिर गया, लेकिन आधी रात 12 बजे से लेकर अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। 20 घंटे बीतने के बावजूद युवक का पता न चलना प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
बरेली। शहर में लापरवाही की कीमत एक युवक की जिंदगी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सेटेलाइट बस अड्डे के पास मंगलवार रात करीब 9:30 बजे एक युवक खुले नाले में गिर गया, लेकिन आधी रात 12 बजे से लेकर अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। 20 घंटे बीतने के बावजूद युवक का पता न चलना प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
घटना बारादरी थाना क्षेत्र की है, जहां सेटेलाइट बस अड्डे के पास एक युवक चलते-चलते अचानक खुले नाले में गिर गया। मौके पर लगे CCTV कैमरों में युवक साफ तौर पर नाले में गिरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार युवक नशे की हालत में था और थोड़ी सी खुली जगह से सीधे गहरे नाले में जा गिरा।
सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम और प्रशासन हरकत में आए। NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा। लेकिन आधी रात 12 बजे से लेकर बुधवार सुबह तक भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। सवाल यह है कि इतने बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद नतीजा शून्य क्यों?
बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन को और तेज करते हुए रामपुर से मशीन मंगाई गई। नाले का स्लैब तोड़ा गया और पानी निकालने का काम शुरू हुआ। लेकिन नाले में भरे भारी कचरे और गंदगी के कारण रेस्क्यू टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय दुकानदारों ने बड़ा खुलासा किया है। उनके मुताबिक होली से पहले सफाई के दौरान नगर निगम कर्मचारियों ने नाले का स्लैब हटाया था, लेकिन उसे दोबारा नहीं लगाया गया। यही खुला नाला इस हादसे की वजह बना। यानी यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की सीधी लापरवाही का नतीजा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 15 घंटे बाद भी युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस अब उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल पूरा फोकस उसे नाले से निकालने पर है।
नोएडा में खुले नाले में गिरने की घटनाओं के बाद भी अगर बरेली में ऐसी लापरवाही दोहराई जा रही है, तो यह सीधे तौर पर सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक खुले नाले यूं ही जान लेते रहेंगे और जिम्मेदार बचते रहेंगे?
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने रेस्क्यू तेज करने के निर्देश दिए, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग न मिलना पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर रहा है।